लोकसभा में आज नए सांसद बने वरूण गांधी ने शपथ लेने से पहले जहां अपनी ताई कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को हाथ जोड़कर प्रणाम किया वहीं उनके चचेरे भाई राहुल गांधी ने अपनी चाची मेनका गांधी को नमस्कार किया। हालांकि जेठानी देवरानी एक दूसरे को सीधे देखने से कतराती दिखीं।वरूण जिस समय हिन्दी में शपथ ले रहे थे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया खुश नजर आ रही थीं जबकि राहुल जब अंग्रेजी में शपथ ले रहे थे उनकी चाची मेनका मुस्कराती दिखीं। राहुल के शपथ लेते समय मेनका को मेज थपथपाकर उनका उत्साह बढ़ाते भी देखा गया। यह नजारा उस समय का था जब गांधी परिवार के दो पुत्रों ने 15वीं लोकसभा के सदस्यों के रूप में शपथ ली। वरूण पीलीभीत से भाजपा के टिकट पर जीते हैं जहां से पहले उनकी मां सांसद थीं। शपथ लेने के लिए उन्हें वरूण फिरोज गांधी के नाम से पुकारा गया। उन्होंने अपनी ताई का हाथ जोड़कर अभिवादन किया जो सत्ता पक्ष की सबसे आगे की पंक्ति में बैठी थीं।अध्यक्ष दीर्घा में बैठी उनकी चचेरी बहन प्रियंका गांधी और उनके पति राबर्ट वडेरा भी वरूण के शपथ लेते समय मुस्कुराते देखे गए। वरूण जब शपथ लेने के बाद अपनी सीट की ओर लौट रहे थे उनकी मां को उन्हें अपने पास बुलाते देखा गया। वह संभवत: उनसे कुछ पूछ रही थीं। बाद में मां बेटे सदन से बाहर चले गए। उधर राहुल ने शपथ लेने के बाद विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी और अन्य भाजपा नेताओं को नमस्कार किया। उन्होंने विपक्षी बेंच पर बैठी अपनी चाची मेनका को भी हाथ जोड़कर प्रणाम किया। वरूण और राहुल के शपथ लेने के बाद प्रियंका और राबर्ट को भी अध्यक्ष दीर्घा से बाहर जाते देखा गया।
Wednesday, June 3, 2009
मुंबई की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले उद्धव ठाकरे
मुंबई की समस्याओं के बारे में शिवसेना के कार्यप्रमुख उद्धव ठाकरे मुंख्यमंत्री अशोक चव्हाण से मिले और उनसे इस संदर्भ में चर्चा की। मुख्यमंत्री कार्यालय में इन दिनों नेताओं की बैठक का अधिकृत ब्योरा नहीं मिल सका है। लेकिन शिवसेना के कुछ नेताओं ने बैठक को सार्थक बताया है। बता दें कि मुंबई व ठाणे में शिवसेना पार्टी को करारी पराजय मिलने के बाद उद्धव ठाकरे ने खुद रास्ते पर उतरना शुरु कर दिया है। इसके तहत उद्धव मुंबई के नालों की सफाई, सड़को की मरम्मत न होने, जलापूर्तिकी समस्या का मुद्दा पहले भी उठा चुके हें, मुंबई में नालों की सफाई के लिए शिवसेना एमएमआइडीए को जवाब देह बता चुकी है। इन्हीं मुद्दों पर विधानसभा में जाकर उद्धव ने फिर से मुख्यमंत्री से चर्चा की और विकास जल्द किए जाने की मांग की है।
Monday, June 1, 2009
महाराष्ट्र में कांग्रेस को अकेले लड़ना चाहिए: देशमुख
केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजिनक उपक्रम मंत्री विलासराव देशमुख ने सोमवार को फिर इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस को एनसीपी से गठबंधन तोड़कर अकेले ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है और कांग्रेस हाईकमान इस बारे में जो निर्णय करेगा वह अंतिम होगा। चुनाव में जीत के बाद मुंबई को धन्यवाद देने के लिए आए विलासराव ने कहा कि जिस तरह राहुल ने उत्तर प्रदेश एवं बिहार में अकेले दम पर चुनाव लड़ने का निर्णय किया उसी तरह महाराष्ट्र में भी होना चाहिए। 'क्या आपने राहुल से इस विषय पर चर्चा की है?' उन्होंने बताया कि वह महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति से भली भांति वाकिफ हैं, उन्हें (राहुल) किसी से सलाह लेने की आवश्यकता नहीं है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली कामयाबी क्या उसकी असली ताकत है या शिवसेना-बीजेपी के वोट बंट जाने के कारण उसे विजय मिली के जवाब में देशमुख ने कहा कि जीत जीत होती है। हम लोग पराजय का विश्लेषण करते हैं, जीत का नहीं।
संसद में बिखरे फैशन के रंग
नई लोकसभा के कई नए सदस्य आज सदन की पहली बैठक में शपथ ग्रहण करने सजधज कर और अपने क्षेत्रों परंपरागत परिधानों में पहुंचे जिनका नेतृत्व सिनेमा की दुनिया से राजनीति में आए शत्रुघ्न सिन्हा और क्रिकेट के मैदान से राजनीति के मैदान में कूदे कीर्ति आजाद जैसे सदस्यों ने किया।प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 15 वीं लोकसभा की पहली बैठक में हिस्सा लेने के लिए जहां बंद आस्तीन का कुर्ता और चूड़ीदार पायजामा पहन कर पहुंचे वहीं सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने परंपरागत बंगाली धोती और कुर्ता धारण करने के साथ ही कंधे पर गमछा लटकाकर आए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी धानी रंग की साड़ी और मेरून ब्लाउज में सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचीं जबकि भाजपा की वरिष्ठ नेता सुमित्रा महाजन ने हल्के क्रीम रंग की बार्डर वाली साड़ी पहन रखी थी। विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी दोनों पैरो को चूड़ीदार पायजामे की तरह ढकने वाली स्टाइल में धोती और सिल्क का कुर्ता पहनकर आए। लेकिन उनकी पार्टी के सदस्य शत्रुघ्न सिन्हा ने सुनहरा कुर्ता और धोती के साथ उसी रंग की बास्केट पहन रखी थी।पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद लबादा जैसा कुर्ता और पायजामे के साथ सिर पर एक छोटी सी टोपी लगाकर आए थे। कीर्ति के विपरीत पहली बार मुरादाबाद से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन नेताओं के लिबास में भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे। उन्होंने स्लेटी रंग की सदरी भी पहन रखी थी।तेलगू देशम के सभी सांसद अपनी पार्टी के पीले रंग में आए। सबने एक जैसी सफेद पतलून, पीली शर्ट और कंधों पर पीला पटका भी रखा था जबकि बोडो सांसद एस के विश्वमुतियारी पूर्व की तरह रंगीन कोट में सदन में उपस्थित हुए। केरल से चुन कर आए संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अधिकारी शशि थरूर ने अपने राज्य की परंपरागत पोशाक पहन रखी थी। दक्षिणी राज्यों के सांसदों को लुंगी और शर्ट में देखा गया।अरूणाचल से निर्वाचित कांग्रेस सदस्य टाकम संजय अपने राज्य के परंपरागत परिधान के साथ साथ विशिष्ट अरूणाचली टोपी लगा रखी थी जिसमें पर लगे हुए थे। पंजाब से चुनकर आए पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने जहां शर्ट और पैंट पहन रखी थी वहीं हल्की गुलाबी पगड़ी बांध रखी थी। मंत्री पद का शपथ चटख राजस्थानी पगड़ी बांध कर लेने वाले युवा नेता सचिन पायलट सफेद कुर्ता पायजामे में दिखे तो उनके ससुर फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरी टोपी लगा रखी थी।पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हरियाणा सरकार में मंत्री किरण चौधरी की पुत्री श्रुति चौधरी छींटदार सलवार सूट में सदन में विराजमान थीं जबकि अगाथा संगमा काले रंग के कपड़ों में आई थीं। कुछ सदस्य पिं्रस सूट में भी दिखे। तमाम सदस्यों के रंगारंग परिधानों के विपरीत सदन में ज्यादातर सदस्य पारंपरिक सफेद कुर्ता पायजामे में ही दिखे।
सांसद अब बोलेंगे ''मैडम स्पीकर''
पंद्रहवीं लोकसभा में चुनकर आए सांसदों को अब सदन के अध्यक्ष को 'मैडम स्पीकर' कहने की आदत डालनी होगी। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मीरा कुमार का आम सहमति से देश की पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष बनना तय नजर आ रहा है। सत्तारूढ़ संप्रग के साथ ही मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने भी मीरा कुमार के नाम पर हामी भर दी है। लोकसभा अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू होगी और जरूरत पडऩे पर बुधवार को चुनाव कराया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि संप्रग और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी नामांकन पत्र में मीरा कुमार के नाम का प्रस्ताव करेंगीं। लोकसभा में सत्ता पक्ष के नेता प्रणब मुखर्जी उनके दूसरे प्रस्तावक होंगे। माना जा रहा है कि संसदीय मामलों के मंत्री पवन बंसल ने इस बारे में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात कर उनकी रजामंदी ले ली है। 64 वर्षीय मीरा कुमार ने रविवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि संप्रग ने अभी उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन मीरा ने सोमवार को यहां कहा, हां, मैंने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। संप्रग ने मुझे लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए नामित किया है।पहली दफा किसी महिला के लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के बाद सांसदों को अब 'मैडम स्पीकर' कहने की आदत डालनी होगी। इससे पहले तक सदन में आम तौर पर अध्यक्ष को अध्यक्ष जी, अध्यक्ष महोदय या मिस्टर स्पीकर कहकर संबोधित किया जाता रहा है। हालांकि पीठासीन अधिकारियों के पैनल में पहले भी महिलाएं शामिल होती रही हैं। वैसे मीरा कुमार के लोकसभा अध्यक्ष बनते ही यह पहला मौका होगा जब दोनों सदन की कमान भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारियों के हाथ होगी। मीरा कुमार के साथ ही राज्यसभा के अध्यक्ष उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारी रहे हैं। मीरा ने 1973 जबकि अंसारी ने 1961 में आईएफएस ज्वाइन की थी।
चुनावों पर रोक नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को श्रीगंगानगर जिला क्रिकेट संघ के आगामी 14 जून को होने वाले चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और चुनाव को चुनौती देने वाली एक अर्जी पर राजस्थान राज्य सरकार व अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी करके 4 सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया।न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू और न्यायाधीश दीपक वर्मा की खंडपीठ ने याची श्रीगंगानगर जिला क्रिकेट संघ की अर्जी पर राज्य सरकार व अन्य को संक्षिप्त सुनवाई के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया। संघ का मामला सुप्रीम कोर्ट में लम्बित है। अर्जी में कहा गया था कि चुनाव 6 मार्च 2010 को होना है और अभी वर्तमान समिती का कार्यकाल समाप्त नहीं हुआ है। तदर्थ समिती के संयोजक जो सदस्य भी नहीं है वह चुनाव घोषित करने के लिए वैध अधिकरण नहीं हैं। राजस्थान खेल अधिनियम -2005 के अनुसार ही चुनाव होना चाहिए। साथ ही कहा गया कि अवैध रूप से तदर्थ कार्यकारी समिति का गठन हुआ था। संघ के चुनावों के लिए कृषि विभाग के सेवानिवृत्त किशन लाल को चुनाव आबर्जवर बनाया गया है और वह 14 जून 2009 को विशेष बैठक करेंगे।
अखिलेश यादव का इस्तीफा मंजूर
उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव का लोकसभा सदस्यता से दिया इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। यादव फिरोजाबाद के साथ ही कनौज लोकसभा सीट से भी विजयी हुए थे।उन्होंने अपनी पुरानी परम्परागत कन्नौज सीट बरकरार रखी। लोकसभा के अस्थाई अध्यक्ष मणिकराव गावित ने बताया कि गत 21 मई को यादव ने इस्तीफा दिया था जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
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