Thursday, July 9, 2009

लालू अपने गुनाहों को स्वीकार करने लगे हैं: नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जब से रेल मंत्री ममता बनर्जी ने विभाग की वर्तमान स्थिति पर वाइट पेपर जारी करने की घोषणा की है, तब से पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद धीरे-धीरे अपने गुनाहों को कबूलने लगे हैं। नीतीश ने कहा कि लालू ने अपने कार्यकाल में पटना को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का रेलवे स्टेशन बनाए जाने की घोषणा की थी, वह देश की जनता को मात्र गुमराह करने वाली घोषणा थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आए रेल पदाधिकारियों ने उन्हें बताया था कि रेलवे की इस योजना के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वित्तीय बाजीगरी के जरिए रेलवे को मुनाफे में बताकर लालू ने देश की जनता की आंख में धूल का काम किया है। यही उचित समय है कि वह अपने गुनाह कबूल कर लें ताकि वह इस मामले में अपराध दंड संहिता के तहत कोई बडी सजा पाने से बच जाएं।
पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद ने मंगलवार को लोकसभा में रेल बजट पर चर्चा के दौरान कहा था कि वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने की बात केवल काल्पनिक है, इसे हकीकत में तब्दील नहीं किया जा सकता। लालू प्रसाद ने कहा था कि रेल मंत्री के रूप में उनके पांच साल के कामकाज पर वाइट पेपर लाने की किसी भी चुनौती को वह स्वीकार करते हैं क्योंकि पूरी राशि का ऑडिट हो चुका और संसद में रखा जा चुका है।

विकास पर ज्यादा धन खर्च करें

बेंगलूरू। मुख्यमंत्री बी.एस. येडि्डयूरप्पा ने अधिकारियों को वैश्विक मंदी के मद्देनजर अनावश्यक गैर योजनागत खर्चो में कटौती करने तथा विकासपरक योजनागत कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर अधिक धन खर्च करने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां कर्नाटक विकास कार्यक्रम समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के तुलना की जाए तो प्रदेश में करों के संग्रहण की स्थिति बेहतर है। इस धन को फलप्रद कार्यक्रमों के लिए उपयोग में लाया जाना चाहिए। जो कार्यक्रम कम फलदायक हैं उनके खर्चो में कटौती करके अधिक फलदायक कार्यक्रमों में अधिक निवेश करने के मकसद से ही सरकार ने खर्च सुधार आयोग की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को आयोग के साथ सहयोग करके अधिक महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के लिए अधिक संसाधन मुहैया कराने में योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अब तक दो बार मंथन बैठकें बुलाई हैं। बैठकों मे संसाधनों का प्रभावशाली सदुपयोग करने के साथ ही आय के नए स्त्रोतों को तलाशने पर विस्तार से चर्चा हुई है। यही कार्य विभागीय स्तर पर भी होना चाहिए और विकास कार्यो का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नई रणनीति बनाई जानी चाहिए। सभी विभागों को जुलाई के अंत तक नई कार्यसूची तैयार करनी होगी। योजनागत कार्यक्रमों का क्रियान्वयन चार तिमाही में समान रूप से होना चाहिए लेकिन अंतिम तिमाही में क्रियान्वयन पर अधिक बल देने की परिपाटी रही है, जिस पर रोक लगनी चाहिए। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता बढ़ेगी तथा भ्र्रष्टाचार पर भी रोक लगाई जा सकेगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण विकास व पंचायत राज, आईटी बीटी, प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा जैसे विभागों में 140 फीसदी प्रगति दर्ज की गई है जबकि पर्यटन, समाज कल्याण, कपड़ा व हथकरघा जैसे विभागों में 126 फीसदी प्रगति दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि जून के अंत तक योजनागत खर्च 2,651 करोड़ किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 65 फीसदी अधिक है।बैठक के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बजट में घोषित नए कार्यक्रमों का क्रियान्वयन अगले चार- पांच दिनों में किया जाएगा। पिछले बजट में घोषित 65 नए कार्यक्रमों में से 50 फीसदी कार्यक्रमों को पहले ही लागू किया जा चुका है। शेष कार्यक्रमों के लिए चार-पांच दिनों में सरकारी आदेश जारी करने के साथ धन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राच्य में 3,389 लघु सिंचाई तालाबों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखे हैं इन अतिक्रमणों को जल्द हटाने के आदेश दिए गए हैं। इसी तरह बुनकरों व मछुआरों को भी 3 फीसदी ब्याज दर पर ऋण वितरित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। अब से आगे अधिकारियों को एक माह में दो बार जिला स्तर पर जाकर प्रगति की समीक्षा करने को कहा गया है। मच्छरों के प्रको से फैल रहे संक्रामक रोगों की तरफ ध्यान आकृष्ट करने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्द ही अधिकारियों की बैठक बुलाकर विचार किया जाएगा।

वरूण की सुरक्षा पर नया बवाल

भाजपा सांसद वरूण गांधी की सुरक्षा को लेकर उपजे विवाद ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। केन्द्र सरकार के पत्ते नहीं खोलने और पी. चिदम्बरम की ओर से सुषमा स्वराज को लिखे गोपनीय पत्र के लीक होने पर भाजपा भड़क गई है। भाजपा ने इस मुद्दे पर गृह मंत्रालय को सीधे कठघरे में खड़ा करते हुए साफ कर दिया कि उसे इस पूरे मामले में सरकार की नीयत संदिग्ध दिखाई दे रही है। सुषमा ने कहा भी कि सुरक्षा पर सरकार इतना ही गोपनीयता रखना चाहती थी तो पत्र लीक कैसे हो गया। वरूण की सुरक्षा के सवाल पर चल रहा शीतयुद्ध अब राजनीतिक शक्ल में बदल गया है। सुषमा ने बताया कि सुरक्षा संबंधी प्रश्न सदन में उठाए जाने पर चिदम्बरम ने सुरक्षा का हवाला देते हुए व्यक्तिगत तौर पर बैठकर इस मामले को सुलझाने का वादा किया था। उसके बाद ही चिदम्बरम ने पत्र लिखकर सुषमा को इस पर बातचीत करने का न्योता दिया। उसमें भी गोपनीयता की बात दोहराना वह नहीं भूले। अभी मुलाकात का समय तय नहीं हुआ था कि पत्र लीक हो गया।पत्र मीडिया के हाथ लगते ही सुषमा गरम हो गई। उन्होंने कहा कि जब चिदम्बरम सुरक्षा पर इतनी ही गोपनीयता चाहते थे तो पत्र लीक कैसे हो गया। सुषमा को इसमें राजनीति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि गृहमंत्री की नीयत साफ होती तो वह गंभीरता और गोपनीयता का पालन करने के प्रति सजग रहते, लेकिन जिस तरह से पत्र को लीक किया गया उससे साफ लग रहा है कि सरकार इस मामले को राजनीतिक रूप देना चाहती है।वरूण की सुरक्षा को लेकर नार्थब्लाक में अलग ही कहानी चल रही है। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री चिदम्बरम को इसमें राजनीति नजर आ रही है इसलिए वह मामले की पूरी पड़ताल के बाद ही किसी ठोस निष्कर्ष पर जाना चाहते हैं। वैसे वरूण को सुरक्षा मुहैया कराने के आग्रह पर दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मांगी गई जानकारी में अपनी जो रिपोर्ट दी है उसमें वरूण जेडप्लस की श्रेणी में आ पाएंगे इसमें संदेह है। बुधवार को इस मुद्दे पर नार्थब्लाक में माथाप“ाी चलती रही। चिदम्बरम सुरक्षा से इनकार नहीं कर रहे लेकिन इस पर कुछ भी साफ बोल भी नहीं रहे हैं।सुषमा को लिखे पत्र में उन्होंने भरोसा दिया था कि आप मिल लें आपको वरूण की सुरक्षा के मामले में विश्वास में लूंगा, परन्तु पत्र मीडिया के हाथ लगने के बाद गोपनीयता के मु्द्दे पर खुद गृहमंत्रालय की भूमिका संदिग्ध हो गई है। सूत्रों के अनुसार वरूण को अभी वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इसके तहत उनकी सुरक्षा में तीन अधिकारी, एक एस्कार्ट, पायलट वाहन तथा 10 गार्ड तैनात किए गए हैं।

संस्थाओ की स्थापना में कुछ देरी हुई

केन्द्र सरकार ने माना कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसी छह नई संस्थाओ की स्थापना में कुछ देरी हुई है। स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने लोकसभा में बताया कि प्रारंभिक देरी एकल परियोजना परामर्शदाता के चयन के लिए बोलियों की असफलता और एम्स जैसी सभी छह संस्थाओं के लिए प्रोटोटाइप वास्तुकीय डिजाइन के चयन न किए जा सकने के कारण हुई थी। संपूर्ण प्रक्रिया को दिसंबर 2006 में नए सिरे से शुरू किया जाना था और प्रत्येक स्थल को अब अलग से लिया गया है।उन्होंने सदन में बताया कि जनशक्ति की भर्ती इन संस्थाओं को कुशल ढंग से चलाने के लिए प्रमुख कार्य है, इसलिए संकाय और स्टाफ को घर दिलाने के लिए आवासीय परिसरों का प्राथमिकता के आधार पर निर्माण किया जा रहा है और ये आवासीय परिसर सभी छह स्थलों पर 2009-10 तक तैयार हो जाएंगे। अस्पताल महाविद्यालय के परिसर वर्ष 2011 तक तैयार हो जाने की आशा है। इनमें से एक एम्स की स्थापना जोधपुर में होनी है।नर्सिग कालेज का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ- सांसद लालचंद कटारिया के सवाल के जवाब में आजाद ने बताया कि राजस्थान और गुजरात राज्य सरकारों से नर्सिग डिग्री कालेज स्थापित करने का कोई विशेष प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है तथापि उत्कृष्टता केंद्र जिसमें बी एस एसी (नर्सिग) डिग्री कार्यक्रम भी चलाए जाने का प्रस्ताव की स्थापना करने के लिए राजस्थान सहित कुछ राज्यों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।तापमान बढ़ रहा है - पर्यावरण और वन राज्यमंत्री जयराम रमेश ने माना कि वातावरण में ग्रीन हाऊस गैसों के सांद्रण के कारण ग्लोबल वार्मिग की समस्या पैदा हो रही है। आईएमडी द्वारा जुटाए डाटा विश्लेषण से पता चलता है कि समूचे देश का वार्षिक औसत तापमान 0.52 प्रतिशत तक बढ़ गया है। औसत वार्षिक तापमान में रूझानों का आकाशीय पैटर्न राजस्थान, गुजरात और बिहार के भागो, जहां घटते रूझान देखे गए थे, को छोड़कर देश के अघिकांश भागों में बढ़ते रूझान की ओर संकेत करता है।

Monday, July 6, 2009

प्रवक्ता गौर चक्रवर्ती के खिलाफ मामला दर्ज

माओवादियों के प्रवक्ता गौर चक्रवर्ती के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटिज (प्रिवेन्शन) एक्ट की धारा 20 के तहत एक अन्य मामला दर्ज कर सोमवार को चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। मजिस्ट्रेट एस.एस. अहमद ने उसे 12 दिनों तक पुलिस हिरासत में रखने का निर्देश दिया। गौर चक्रवर्ती को 14 दिनों तक पुलिस हिरासत में रखने के बाद सोमवार को पेश किया गया था। माओवादियों के साथ सम्पर्क होने के आरोप में चक्रवर्ती को 23 जून को मध्य कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि चक्रवर्ती के पास से भारी संख्या में माओवादी पर्चे और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। माओवादी दस्ते बरामद होने पर चक्रवर्ती के खिलाफ प्रिवेन्शन एक्ट की धारा 20 के तहत नए सिरे से एक और मामला दर्ज किया गया।इस धारा के तहत ही सोमवार को चक्रवर्ती को 12 दिनों तक पुलिस हिरासत में रखने का निर्देश दिया गया। मालूम हो लालगढ़ अभियान के बाद माओवादियों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने गौर चक्रवर्ती को मध्य कोलकाता से गिरफ्तार किया। प्रिवेन्शन एक्ट के तहत गिरफ्तार होने वाले गौर चक्रवर्ती एक मात्र व्यक्ति हैं। उनके अलावा लालगढ़ से गिरफ्तार लगभग 28 लोगों में से अन्य किसी पर इस कानून के तहत मामला दर्ज नहीं किया गया है

कर्नाटक को केन्द्रीय बजट से मायूसी

केन्द्रीय बजट में राजधानी बेंगलूरू के ढांचागत विकास के लिए 8 हजार करोड़ रूपए की विशेष सहायता देने सहित विभिन्न बजट पूर्व मांगों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाने के कारण कर्नाटक को केन्द्रीय बजट से मायूसी हाथ लगी है। कर्नाटक का मानना है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल व मुंबई शहर के बाढ़ प्रबंधन के लिए विशेष कोष मंजूर करके बड़ी उदारता दिखाई है, लेकिन विश्व के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शुमार बेंगलूरू शहर की ढांचागत विकास जरूरतों की बजट में अनदेखी की गई है। इसी तरह भारतीय तकनीकी संस्थान (आईआईटी) मंजूर करने की दृष्टि से भी प्रदेश की अनदेखी की गई है जबकि अन्य संप्रग शासित प्रदेशों में आईआईटी की स्थापना की जा रही है।देश के तकनीकी हब कहलाने वाले बेंगलूरू शहर में भारतीय तकनीकी संस्थान की स्थापना के लिए सारी संभावनाएं मौजूद होने के बावजूद केन्द्रीय बजट में इस मांग को पूरा नहीं करने से कर्नाटक को निराशा हाथ लगी है। कर्नाटक ने राज्य सरकार द्वारा किसानों के कर्ज माफ करने के मद में खर्च किए गए 1880 करोड़ रूपए की क्षतिपूर्ति करने की मांग की थी लेकिन इस मांग पर भी गौर नहीं किया गया। राज्य के 84 तालुकों में पिछले साल भीषण सूखा पड़ा था जबकि कई तालुक बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। राज्य सरकार ने राहत कायोंü के लिए केन्द्र से 2,019 करोड़ रूपए की सहायता मंजूर करने की आग्रह किया था लेकिन इस मांग को भी पूरा नहीं किया गया। राज्य सरकार ने वैश्विक आर्थिक मंदी के परिप्रेक्ष्य में केन्द्र से केन्द्रीय करों में राज्यों के हिस्से को बढ़ाने की अपील की लेकिन बजट में इस बारे में कोई उल्लेख नहीं किया गया। कर्नाटक में देश का 70 फीसदी काफी उत्पादन होता है। प्राकृतिक प्रकोप व बाजार में उतार चढ़ाव के कारण राज्य के काफी उत्पादकों की स्थिति बदतर हो गई है। राज्य द्वारा बजट पूर्व ज्ञापन में काफी उत्पादकों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करने की मांग की गई थी लेकिन बजट में कोई राहत पैकेज घोषित नहीं किया गया। इसी तरह तटवर्ती कारवार व मंगलौर में समुद्री क्षरण की समस्या का स्थाई समाधान करने के लिए प्रदेश की तरफ से समुद्रतट पर दीवार बनाने की मांग सालों से की जा रही है लेकिन बजट में इस समस्या को दूर करने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। राज्य के अत्यंत पिछड़े हैदराबाद कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा देने के लिएसंविधान के अनुच्छेद 371 डी में संशोधन करने की मांग सालों से की जा रही है लेकिन बजट में इस बारे में कोई घोषणा नहीं की गई।कुल मिलाकर कहा जाए तो प्रदेश को केन्द्र सरकार के विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों के लिए अधिक धन का प्रावधान करने का लाभ तो मिलेगा लेकिन प्रदेश की लम्बित मांगों की अनदेखी से कर्नाटक मायूस है।

शिखर बैठक में भाग लेंगे मनमोहन

दुनिया के प्रमुख औद्योगिक देशों के संगठन ग्रुप-आठ (जी-8)की शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को इटली के ला एक्विला शहर रवाना होंगे। बैठक 8 से 10 जुलाई को होगी। भारत उभरती अर्थव्यवस्था वाले उन पांच देशों या ग्रूप-5 में शुमार है जिन्हें इस शिखर बैठक में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। ग्रुप-5 देशों में भारत के अलावा चीन,ब्राजील, मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इटली इस समय जी-8 का अध्यक्ष है और इसी नाते वह यह शिखर बैठक आयोजित कर रहा है। बैठक के दौरान मनमोहन सिंह अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात करेंगे। ओबामा इस बैठक में पहली बार हिस्सा लेंगे। इससे पहले मनमोहन सिंह और ओबामा की लंदन में जी-20 देशों की शिखर बैठक के दौरान मुलाकात हुई थी। सिंह चीन के राष्ट्रपति हू जिन्ताओ से भी मिलेंगे। एक ही महीने केे भीतर यह उनकी दूसरी मुलाकात होगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 10 जुलाई को नई दिल्ली लौट आएंगे।बैठक में चर्चा के लिए संभावित मुद्दे-जलवायु परिवर्तन-वैश्विक आर्थिक मंदी- ईरान में परिवर्तन- अफगानिस्तान-पाकिस्तान संकट -उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षण से उत्पन्न हालात