बीजेपी के पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी को 'पर्याप्त सुरक्षा' दिलाने के मुद्दे पर लोकसभा में पार्टी की उपनेता सुषमा स्वराज गृह मंत्री पी. चिदंबरम से मिलकर निराश ही हुईं। चिदंबरम ने बीजेपी के इस आरोप को नकार दिया कि वरुण गांधी की सुरक्षा व्यवस्था को हलके में लिया जा रहा है। चिदंबरम से मुलाकात के बाद स्वराज ने कहा कि जो कुछ गृह मंत्री ने वरुण गांधी को सरकार की ओर से दी जा रही सुरक्षा के बारे में कहा, उससे हम संतुष्ट नहीं हैं। हमें उलटे निराशा ही हाथ लगी है। सुषमा स्वराज ने चिदंबरम से बातचीत का ब्यौरा देने से इनकार कर दिया। स्वराज ने कहा कि कम से कम मैं (सुषमा स्वराज) तो उस भावना का सम्मान करूंगी, जिस भावना के साथ मुझे गृह मंत्री ने पत्र लिखा था। उन्होंने गृह मंत्री से अनुरोध किया कि वह भी ऐसा करें तो अच्छा होगा। खत लीक होने के आरोपों के बारे में सुषमा ने कहा कि जहां तक मेरे आरोप का सवाल है, उसे उन्होंने स्वीकार किया। सुषमा स्वराज का कहना था कि चिदंबरम ने यही कहा कि यह लीकेज नहीं था, बल्कि अधिकारिक रूप से वेबसाइट पर डाला गया था। गृह मंत्री ने बीजेपी के इस आरोप को नकार दिया कि वरुण गांधी की सुरक्षा व्यवस्था में ढील बरती जा रही है। गृह मंत्री ने उन्हें बताया कि इंटेलिजंस एजंसियों से मिली जानकारियों पर भी गौर करने के बाद वरुण गांधी को जो सुरक्षा व्यवस्था दी गई है वह पूरी तरह से पर्याप्त है।
Thursday, July 9, 2009
अरूण चतुर्वेदी बने राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
राजस्थान भाजपा को भारी-भरकम नाम और अहं वाले नेताओं के शिकंजे से निकालकर आलाकमान ने प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी अपने युवा उपाध्यक्ष और प्रवक्ता अरूण चतुर्वेदी को सौंप दी है। अरूण पर केन्द्र अथवा राज्य दोनों स्तरों पर पार्टी के किसी गुट विशेष से सम्बद्ध होने का ठप्पा नहीं लगा है, लेकिन वे संघ के चहेते जरूर हैं। सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष पद से ओम माथुर के इस्तीफे के बाद किसी कर्मठ और जुझारू नेता की तलाश थी, जो अरूण चतुर्वेदी का नाम सामने आने पर पूरी हो गई। बताया जाता है कि केन्द्रीय नेतृत्व को उनका नाम संघ के सहसरकार्यवाह सुरेश सोनी ने सुझाया, जिस पर हर पहलू से विचार के बाद गुरूवार को राजनाथ सिंह ने मुहर लगा दी।चतुर्वेदी की नियुक्ति के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष ने माथुर का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया
अरूण चतुर्वेदी बने राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
राजस्थान भाजपा को भारी-भरकम नाम और अहं वाले नेताओं के शिकंजे से निकालकर आलाकमान ने प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी अपने युवा उपाध्यक्ष और प्रवक्ता अरूण चतुर्वेदी को सौंप दी है। अरूण पर केन्द्र अथवा राज्य दोनों स्तरों पर पार्टी के किसी गुट विशेष से सम्बद्ध होने का ठप्पा नहीं लगा है, लेकिन वे संघ के चहेते जरूर हैं। सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष पद से ओम माथुर के इस्तीफे के बाद किसी कर्मठ और जुझारू नेता की तलाश थी, जो अरूण चतुर्वेदी का नाम सामने आने पर पूरी हो गई। बताया जाता है कि केन्द्रीय नेतृत्व को उनका नाम संघ के सहसरकार्यवाह सुरेश सोनी ने सुझाया, जिस पर हर पहलू से विचार के बाद गुरूवार को राजनाथ सिंह ने मुहर लगा दी।चतुर्वेदी की नियुक्ति के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष ने माथुर का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया
बहिर्गमन
अहमदाबाद में जहरीली शराब दुखान्तिका के मसले पर विपक्ष ने बुधवार को सदन में हंगामा किया। राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की एवं प्रश्नोत्तरी व एजेण्डे की प्रतियां फाड़ीं। विरोध प्रदर्शन के दौरान गृह राज्य मंत्री के त्याग पत्र की मांग करते हुए प्रश्नकाल की कार्रवाई का बहिष्कार करते हुए पूरा विपक्ष करीब एक घण्टे के लिए सदन से बहिर्गमन कर गया।विधानसभा में अपरान्ह बारह बजे प्रश्नकाल की शुरूआत में विपक्ष के नेता शक्तिसिंह गोहिल ने शराब दुखान्तिका के मुद्दे पर सदन स्थगित करने की मांग की। अध्यक्ष अशोक भट्ट के विपक्ष की मांग को अस्वीकार कर प्रश्नकाल की कार्रवाई जारी रखी, तो पूरा विपक्ष एक साथ खड़ा हो गया। उसके बाद विपक्ष के सदस्य "लnा काण्ड बन्द करो, अमित शाह इस्तीफा दो, दारू हफ्ता बन्द करो..."आदि नारे लगाने लगे। करीब 15 मिनट तक सदन में चले हंगामे के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने प्रश्Aोत्तरी व एजेण्डों की प्रतियां फाड़ कर अध्यक्ष की ओर फेंकी। इसी दौरान विपक्ष के सदस्य शैलेष परमार नारा लगाते हुए वेल में पंहुच गए। उनके पीछे कई अन्य सदस्य भी नाराबाजी करते हुए वेल तक जा पंहुचे। इससे अध्यक्ष ने गृह रक्षक को वेल में जा पंहुचे सदस्यों को बाहर निकालने का आदेश दिया तो परमार सहित कई जने जमीन पर लेट गए। बाद में गोहिल सहित विपक्ष के अन्य सभी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर गैलरी में विरोध प्रदर्शन किया। प्रशोत्तर काल पूरा होने के बाद अपरान्ह एक बजे विपक्ष सदन में वापस लौटा।
श्वेत पत्र आने से पहले लालू डरे-नीतीश
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव रेलवे की स्थिति पर श्वेत पत्र लाने की घोषणा से इतना डर गए हैं कि वह अपना गुनाह कबूल कर रहे हैं। यादव से पहले रेल मंत्री रह चुके कुमार ने बुधवार को विधान सभा परिसर में संवाददाताओं से श्वेत पत्र जारी करने की रेल मंत्री ममता बनर्जी की घोषणा से "बड़े भाई" लालू यादव ने मंगलवार को संसद में अपना गुनाह स्वीकार किया कि उन्होंने विश्व स्तर का रेलवे स्टेशन बनाने की जो घोषणा की थी वह लागू होने वाली नहीं है। कुमार ने कहा कि विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा बिना किसी सोच के की गई थी। अब यादव की हवाबाजी और आंकड़ों की कलाबाजी धीरे-धीरे सामने आ जाएगी
श्वेत पत्र आने से पहले लालू डरे-नीतीश
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव रेलवे की स्थिति पर श्वेत पत्र लाने की घोषणा से इतना डर गए हैं कि वह अपना गुनाह कबूल कर रहे हैं। यादव से पहले रेल मंत्री रह चुके कुमार ने बुधवार को विधान सभा परिसर में संवाददाताओं से श्वेत पत्र जारी करने की रेल मंत्री ममता बनर्जी की घोषणा से "बड़े भाई" लालू यादव ने मंगलवार को संसद में अपना गुनाह स्वीकार किया कि उन्होंने विश्व स्तर का रेलवे स्टेशन बनाने की जो घोषणा की थी वह लागू होने वाली नहीं है। कुमार ने कहा कि विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा बिना किसी सोच के की गई थी। अब यादव की हवाबाजी और आंकड़ों की कलाबाजी धीरे-धीरे सामने आ जाएगी
उप्र कांग्रेस में बदलाव की तैयारी
अपने "मिशन 2012" को हासिल करने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस इस माह के अन्त तक संगठन में बडे बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि अपनी इस योजना के तहत पार्टी 2012 में होने वाले विधान सभा चुनाव के पहले युवा तथा ऊर्जावान लोगों को और अधिक जिम्मेदारी देकर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती देगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में जुलाई के तीसरे सप्ताह से बदलाव शुरू हो जाएगा। पार्टी हाई कमान से अनुमोदन के बाद राज्य कार्यकारिणी और अन्य संगठनों में भी बदलाव किया जाएगा।डॉ. बहुगुणा जोशी ने कहा कि गत लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को दंडित किया जाएगा। इस बारे में प्रदेश पार्टी ने ऎसे लोगों का एक "ब्ल्यू प्रिन्ट" तैयार किया है जिन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि उपचुनावों में पार्टी न किसी से तालमेल करेगी और न ही किसी को समर्थन देगी। अगले एक-दो माह में फिरोजाबाद लोकसभा तथा 14 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस अपने उम्मीदवार खडे करेगी। उम्मीदवारों का चयन इस माह के अंत तक हो जाएगा।
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