Monday, August 10, 2009

चुनाव पूर्व मौके पर काम

अब तक कागजों में रहने वाली कुछ महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का काम नगर निगम चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले मौके पर शुरू हो जाएगा। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने जयपुर विकास प्राधिकरण व नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों की सोमवार को ली बैठक में परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द समस्त कार्यवाही पूरी कर मौके परियोजनाओं को मौके पर शुरू किया जाए।

नगर निगम चुनाव वर्ष के अंत में संभावित हैं। जल्दी काम शुरू करने के लिए धारीवाल ने घाट की गूणी सुरंग परियोजना की निकाली निविदा की अवधि घटाने के निर्देश दिए। साथ ही गुर्जर की थडी पर तिमंजिला फ्लाईओवर, बाइस गोदाम पुलिया का विस्तार, टोंक रोड स्थित ईपी मोड पर फ्लाईओवर और टोंक रोड से मानसरोवर तक प्रस्तावित बी-टू बाइपास से लेकर न्यू सांगानेर रोड तक एलिवेटेड रोड की परियोजना को जल्दी अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जवाहर सर्किल पर संगीतमय फव्वारे का जल्द ही उद्घाटन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रिंग रोड का काम शुरू करने के लिए जेडीए का एक दल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलेगा।
नियमित बैठकेंनगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल शहर से जुडी विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा का इस महीने नियमित बैठकें लेंगे। चारदीवारी क्षेत्र के संरक्षण को लेकर मंगलवार को नगर निगम व आयोजना विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी।
सामुदायिक केन्द्र बनेंगे हाईटेकजयपुर। नगर निगम अधिकार क्षेत्र के सभी सामुदायिक केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं विकसित कर उन्हें हाईटेक किया जाएगा। सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग भी ऑनलाइन की जाएगी। वार्ड-61 में नवनिर्मित सामुदायिक केंद्र के लोकार्पण समारोह के दौरान महापौर पंकज जोशी ने यह घोषणा की। जोशी ने कहा कि सामुदायिक केंद्रों की दैनिक बुकिंग ऑनलाइन करने का कार्य आगामी एक पखवाडे में पूरा कर लिया जाएगा। महापौर ने कहा कि निगम सभी सामुदायिक केंद्रोंं में आवश्यक सुविधाएं विकसित करेगा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मोहन लाल गुप्ता ने क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्योü की प्रशंसा की। कार्यक्रम में वार्ड-61 से पार्षद महेंद्र ढलेत, पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक और अन्य पार्षद उपस्थित थे।

भाजपा में उम्मीदवारों की तलाश शुरू

भारतीय जनता पार्टी अपने पंचायत राज प्रकोष्ठ के जरिए जल्दी ही पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव के लिए प्रत्याशियों की तलाश शुरू कर देगी। चुनाव हालांकि जनवरी-फरवरी में हैं, लेकिन पार्टी का प्रकोष्ठ महीनेभर में पहला पैनल बना लेगा।
भाजपा मुख्यालय में सोमवार को हुई प्रकोष्ठ की बैठक में यह निर्णय किया गया। बैठक का उद्घाटन करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि यह एक ऎसा प्रकोष्ठ है जो अनवरत काम करता है। पूर्व पंचायत राज मंत्री कालूलाल गुर्जर ने पंचायतों के पुनर्गठन के सरकार के निर्णय को महज छलावा बताया। उनका कहना था कि सरकार ने मात्र सीमाएं तय की हैं, परिसीमन को व्यापक रूप देने की उसकी मंशा नहीं है।
बैठक के बाद प्रदेशाध्यक्ष पुखराज पहाडिया ने बताया कि सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पंचायत चुनावों के लिए संगठन के पदाधिकारियों से तालमेल बिठाकर जिले के संभावित उम्मीदवारों की सूची बनाने में जुट जाएं। टिकट का अंतिम फैसला पार्टी करेगी। प्रदेश मंत्री नरेन्द्र शर्मा के अनुसार भाजपा के सदस्यता अभियान के संयोजक वासुदेव देवनानी ने सदस्यता अभियान व लक्ष्य के बारे में जानकारी दी।
कांग्रेस व महंगाई में गहरा नाताबैठक में अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस व महंगाई के बीच गहरा नाता है। कांग्रेस जब भी सत्ता में आई, तब महंगाई के साथ अकाल भी साथ लेकर आई। उन्होंने कहा कि महंगाई के विरोध में 17 अगस्त को होने वाले आंदोलन में बढ-चढकर हिस्स लें और इसे आमजन का आंदोलन बनाएं।

राज्यों पर भी होगी चर्चा

भाजपा की चिंतन बैठक का एजेंडा द्रोपदी की साड़ी की तरह बढ़ता जा रहा है। पहले तय था कि वरिष्ठ नेता मिल-बैठकर लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा करेंगे फिर, स्वयं लालकृष्ण आडवाणी ने भविष्य की रणनीति का खाका तैयार करने की बात जोड़ दी। सोमवार को पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने बताया कि शिमला की तीन दिवसीय बैठक के दौरान कुल बारह सत्र होंगे जिनमें विभिन्न राज्यों की रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी।नियमित संवाददाता सम्मेलन के बीच रूडी से चिंतन बैठक के बारे में सवाल पूछा गया जिस पर उन्होंने आडवाणी की बात दोहराते हुए कहा कि हार की समीक्षा के साथ पार्टी को मजबूत बनाने का रास्ता भी तलाशा जाएगा। इस पर चर्चा होगी कि पिछले चुनावों से सबक लेकर कैसे आगे बढ़ा जाए। विभिन्न राज्य इकाइयों से प्रतिवेदन मांगे गए थे जो मिल चुके हैं। प्रतिदिन चार सत्र के हिसाब से फिलहाल बारह सत्रों में बैठक का कार्यक्रम है।इसी बीच राज्यों से भेजी गई रिपोर्ट पर भी विचार होगा। करारी हार के लिए चुनाव प्रबंधन में खामियां गिनाने वाले अरूण शौरी, जसवंत सिंह व यशवंत सिन्हा के शामिल होने पर जारी विवाद संबंधी सवाल को टालते हुए रूडी ने कहा कि सूची तैयार है किन्तु इसकी जानकारी देने के लिए वे अधिकृत नहीं हैं।इस बीच सूत्रों ने बताया कि चिंतन बैठक में भाग लेने के लिए जो कसौटी तैयार की गई है उस पर ये खरे नहीं उतरते। दरअसल, ज्यादा भीड़ न जुटाने का मन बना चुके केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया है कि कोर ग्रुप, संसदीय बोर्ड के सदस्य, संसद के दोनों सदनों के नेता व उपनेता प्रतिपक्ष, पार्टी महासचिव, संगठन महामंत्री और सचिव के अलावा मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ही चिंतन बैठक का हिस्सा होंगे। मंथन के लिए राज्यों की रिपोर्ट कौन पेश करेगा, क्या राज्यों का प्रतिनिधित्व भी होगा? इस पर सूत्रों ने बताया कि अभी तक ऎसी कोई योजना नहीं है। यह जिम्मेदारी संगठन से जुड़े लोग भी निभा सकते हैं।

विधायक ने दिया थाने पर धरना

क्षेत्र के महाराजावास गांव में एक परिवार पर जानलेवा हमला व चोरी के अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में बहरोड विधायक जसवंत यादव व ग्रामीणों ने सोमवार को पुलिस थाने के बाहर धरना दिया।
विधायक यादव का आरोप था कि क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढती जा रही हैं। पुलिस की उदासीनता से जनता परेशान है। महाराजावास गांव गत दिनों चोरों ने एक घर में महिलाओं पर जानलेवा हमला किया, लेकिन पुलिस अब तक बदमाशों को नहीं पकड सकी। उल्टे शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई की मांग कर रहे महाराजावास के ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए गए। विधायक ने पुलिस पर मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। विधायक और ग्रामीण धरना सुबह नौ बजे से शाम साढे चार बजे तक करीब सात घंटे थाने के बाहर मार्ग पर बैठे रहे। जिससे जाम लग गया और वाहन फंसे रहे।
दोपहर दो बजे एडिशनल एसपी राजेन्द्र चौधरी व एसडीएम जवाहर चौधरी ने विधायक व ग्रामीणों से वार्ता की। जिसमें महाराजावास की घटना के बाद वहां चक्काजाम करने वालों के खिलाफ पुलिस की ओर से दर्ज वापस लेने की मांग रखी गई। अधिकारियों ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हुए और विधायक के साथ गिरफ्तारी देने थाने के अंदर जाकर बैठ गए। अधिकारियों से चोरी व हमले के अभियुक्तों की अविलम्ब गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने पर ग्रामीण लौट गए।
200 पुलिसकर्मी लगाएधरने को लेकर थाना व आस पास क्षेत्र में लगभग 200 पुलिसकर्मियों का जाब्ता लगाया गया। थाने के आसपास बैरीकेट्स भी लगाए गए और तीन मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। धरने के चलते सात घण्टे तक मार्ग अवरूद्ध रहा। लोगों को परेशानी का सामना करना पडा।
धरने पर बैठने वालों में भाजपा जिला महामंत्री बलवान सिंह, जिला पार्षद महेन्द्र यादव, सुभाष चन्द गुप्ता, सुरेश यादव, प्रधान राजकपूर, कर्नल बलवन्त सिंह, भाजपा मण्डल अध्यक्ष कपिल वैद्य, देवेन्द्र यादव, रामवतार रावत, शिवचरण यादव, पार्षद मुकेश यादव, अशोक व सत्येन्द्र, प्रेम सेठ, दयावन्त, विजय कुमार, दलीप मुनी, रघुनाथ सिंह, बार संघ अध्यक्ष सुबेसिंह यादव, सरपंच महेन्द्र सिंह, कैलाश यादव आदि शामिल थे।

Sunday, August 9, 2009

पूरे राज्य में लागू हो डीजल अनुदान योजना-सिंह

राजस्थान की मुख्य सचिव कुशल सिंह ने कहा है कि डीजल अनुदान योजना को पूरे राजस्थान में लागू किया जाना चाहिए। योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला 50 प्रतिशत अनुदान का भार भी भारत सरकार द्वारा वहन किया जाना चाहिए।सिंह शनिवार को नई दिल्ली के कृषि मंत्रालय द्वारा मानसून में हुई कम वर्षा के परिपेक्ष्य में कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के विषय पर आयोजित राज्यों के मुख्य सचिवों के सम्मेलन में बोल रही थी। प्रदेश में मानसून से कम वर्षा के कारण उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों की ओर भारत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए सिंह ने कहा कि वर्तमान में लागू की गई अनुदान योजना को प्रदेश में हुई 29 प्रतिशत से कम बारिश व लम्बे समय से बारिश नहीं होने के कारण पूरे प्रदेश में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला 50 प्रतिशत अनुदान का भार भी भारत सरकार द्वारा वहन किया जाना चाहिए।उन्होंने राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को प्रेषित 453.46 करोड़ की ग्रामीण पेयजल योजना को तत्काल स्वीकृत करने का आग्रह भी किया। प्रदेश में संभावित अकाल को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत प्रदेश के 26 जिलों में राज्य सरकार द्वारा फसल मुआवजा के लिए दिए जाने वाले लगभग 425 करोड़ रूपए को भारत सरकार द्वारा वहन किए जाने का भी आग्रह किया।उन्होंने बताया कि अभाव अवधि के दौरान गरीबी की रेखा के ऊपर जीवन यापन करने वाले लोगों की स्थिति गरीबी की रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले नागरिकों के समान हो जाती है। ऎसी स्थिति में ए.पी.एल. के तहत वर्तमान के लगभग 64 हजार मैट्रिक टन के गेहूं के आवंटन को बढ़ाकर 1.25 लाख मैट्रिक टन किया जाना चाहिए।अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान सिंह ने राज्य सरकार द्वारा खड़ी फसल को बचाने के संबंध में की जा रही कार्यवाही की जानकारी देते हुए राज्य सरकार द्वारा पहली बार खरीफ फसल 2009 की सिंचाई हेतु 1200 करोड़ की बिजली की खरीद का पुनर्भरण भारत सरकार द्वारा किए जाने की बात पर बल दिया। इसके अलावा उन्होंने रबी, 2009 में विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु राज्य में निर्माणाधीन केन्द्रीय विद्युत इकाइयों बरसिंगसर आर.ए.पी.पी. (यूनिट 2,5 व 6) को शीघ्र पूर्ण कराए जाने की मांग रखी।

पूरे राज्य में लागू हो डीजल अनुदान योजना-सिंह

राजस्थान की मुख्य सचिव कुशल सिंह ने कहा है कि डीजल अनुदान योजना को पूरे राजस्थान में लागू किया जाना चाहिए। योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला 50 प्रतिशत अनुदान का भार भी भारत सरकार द्वारा वहन किया जाना चाहिए।सिंह शनिवार को नई दिल्ली के कृषि मंत्रालय द्वारा मानसून में हुई कम वर्षा के परिपेक्ष्य में कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के विषय पर आयोजित राज्यों के मुख्य सचिवों के सम्मेलन में बोल रही थी। प्रदेश में मानसून से कम वर्षा के कारण उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों की ओर भारत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए सिंह ने कहा कि वर्तमान में लागू की गई अनुदान योजना को प्रदेश में हुई 29 प्रतिशत से कम बारिश व लम्बे समय से बारिश नहीं होने के कारण पूरे प्रदेश में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला 50 प्रतिशत अनुदान का भार भी भारत सरकार द्वारा वहन किया जाना चाहिए।उन्होंने राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को प्रेषित 453.46 करोड़ की ग्रामीण पेयजल योजना को तत्काल स्वीकृत करने का आग्रह भी किया। प्रदेश में संभावित अकाल को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत प्रदेश के 26 जिलों में राज्य सरकार द्वारा फसल मुआवजा के लिए दिए जाने वाले लगभग 425 करोड़ रूपए को भारत सरकार द्वारा वहन किए जाने का भी आग्रह किया।उन्होंने बताया कि अभाव अवधि के दौरान गरीबी की रेखा के ऊपर जीवन यापन करने वाले लोगों की स्थिति गरीबी की रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले नागरिकों के समान हो जाती है। ऎसी स्थिति में ए.पी.एल. के तहत वर्तमान के लगभग 64 हजार मैट्रिक टन के गेहूं के आवंटन को बढ़ाकर 1.25 लाख मैट्रिक टन किया जाना चाहिए।अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान सिंह ने राज्य सरकार द्वारा खड़ी फसल को बचाने के संबंध में की जा रही कार्यवाही की जानकारी देते हुए राज्य सरकार द्वारा पहली बार खरीफ फसल 2009 की सिंचाई हेतु 1200 करोड़ की बिजली की खरीद का पुनर्भरण भारत सरकार द्वारा किए जाने की बात पर बल दिया। इसके अलावा उन्होंने रबी, 2009 में विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु राज्य में निर्माणाधीन केन्द्रीय विद्युत इकाइयों बरसिंगसर आर.ए.पी.पी. (यूनिट 2,5 व 6) को शीघ्र पूर्ण कराए जाने की मांग रखी।

'राज्यपाल ने की राजनीति'

पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर का आरोप है कि आरक्षण संबंधी विधेयक को मंजूरी देने में देरी करके राज्यपाल शीलेन्द्र सिंह ने राजनीति की है। कांग्रेस को लाभ पहुंचाने के लिए ऎसा किया गया। जबकि आरक्षण की नींव पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रखी थी। गुर्जर ने सिंह को राज्यपाल पद से हटाने की मांग की।
रविवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में गुर्जर ने कहा कि राज्यपाल सिंह ने उनके साथ धोखा किया। यदि वे एक साल पहले आरक्षण विधेयक पर हस्ताक्षर कर देते तो समाज के कई लोग इसका फायदा उठा सकते थे। इसमें हुई देरी के कारण भर्तियों के दौरान कई लोग वंचित रह गए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को ही जब कानूनी राय लेने में एक साल का समय लगेगा तो आम लोगों की क्या स्थिति होगी। गुर्जर ने कहा कि विधेयक को नवीं अनुसूची में डलवाने के लिए वे पूरी कोशिश करेंगे। संवाददाता सम्मेलन में भीलवाडा से शांतिलाल गुर्जर, अजमेर से किशन गुर्जर, गोपाल कसाणा, रामा गुर्जर आदि भी मौजूद थे।
आंतरिक रूप से साथगुर्जर ने दावा किया कि भाजपा शासन में हुए गुर्जर आंदोलन के दौरान आंतरिक रूप से वे गुर्जरों के साथ थे। उनकी सरकार होने के कारण वे खुलकर सामने नहीं आ सके। उनके बेटे ने किसी के उकसाने पर ही उन पर आरोप लगाए होंगे। उनके परिवार में आज भी कोई मतभेद नहीं है।