कांग्रेस नेताओं ने गांधी जयंती पर मायावती के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की। पार्टी महासचि व राहुल गांधी से प्रेरित होकर कांग्रेस के यूपी में 19 में से 17 सांसदों, 19 विधायक और अन्य नेता ने दलितों के घरों में रात में रुककर उनकी समस्याएं सुनने पहुंच गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने अपने गृह जिले इलाहाबाद के पास एक गांव को चुना। उनके अलावा, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लखीमपुर खीरी, प्रदीप जैन ने झांसी और आर.पी.एन. सिंह ने पडरौना में दलितों की समस्याएं सुनने का कार्यक्रम बनाया। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रमोद तिवारी प्रतापगढ़ के एक दलित बहुल गांव में और बस्ती से सांसद जगदंबिका पाल अपने संसदीय क्षेत्र के एक छोटे से गांव में पहुंचे। इस मामले में श्रीप्रकाश जयसवाल भी कहां पीछे रहने वाले थे, वह भी कानपुर के एक दलित बस्ती में पहुंचे और दलितों के साथ खाना खाया। इस मौके पर श्रीप्रकाश जयसवाल ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं ने दलितों के साथ समय बिताकर गांधी जयंती के मौके पर बापू को सच्ची श्रद्धांजि दी है।
Saturday, October 3, 2009
बिन बुलाए आया हूं: वीरभद्र
प्रदेश की धूमल सरकार अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेरे संसदीय क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा शुरू हुआ और मुझे निमंत्रण पत्र तक नहीं भेजा गया है।
यह बात केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को शाढ़ावाई स्थित विश्राम गृह में पत्रकारों के साथ बाचतीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के साथ मेरे घनिष्ठ संबंध हैं जिस कारण मुझे बिना निमंत्रण के भी इस धार्मिक पर्व में आना पड़ा।
उन्होंने कहा कि धूमल सरकार ने पुलिस और विजिलेंस को अपना बंधक बनाकर रखा है और वह इसका प्रयोग विरोधियों के लिए कर रहे हैं और उन पर झूठे मामले बनाकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश विजिलेंस के डीजीपी अपने अधिकार क्षेत्र से आगे धूमल के एजेंट बने हुए हैं और उन्होंने विजिलेंस की निष्पक्षता व विश्वसनीयता को दागदार किया है।
उन्होंने कहा कि जहां कार्रवाई करनी चाहिए वहां नहीं होती व हाल ही में शिमला में कॉर्लगर्ल मामले को दबाकर दोषी व्यक्ति को क्लीन चिट दे दी गई। वीरभद्र ने कहा कि यह पहला मौका है कि एक सप्ताह के अंदर विजिलेंस ने मामले को हल कर दोषी को क्लीन चिट दी है।
अपने विभाग के बारे में वीरभद्र ने कहा कि सरकार ने स्टील की कीमतें बढ़ने नहीं दी है क्योंकि स्टील का इस्तेमाल आम आदमी करता है। उन्होंने कहा कि हमने पनामा में सेंक्युरी एरिया के कारण बंद पड़ी हीरे की खान को पुन: चालू करवाया है तथा निजी क्षेत्र में स्टील को बढ़ावा देने के लिए 72 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
यह बात केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को शाढ़ावाई स्थित विश्राम गृह में पत्रकारों के साथ बाचतीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के साथ मेरे घनिष्ठ संबंध हैं जिस कारण मुझे बिना निमंत्रण के भी इस धार्मिक पर्व में आना पड़ा।
उन्होंने कहा कि धूमल सरकार ने पुलिस और विजिलेंस को अपना बंधक बनाकर रखा है और वह इसका प्रयोग विरोधियों के लिए कर रहे हैं और उन पर झूठे मामले बनाकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश विजिलेंस के डीजीपी अपने अधिकार क्षेत्र से आगे धूमल के एजेंट बने हुए हैं और उन्होंने विजिलेंस की निष्पक्षता व विश्वसनीयता को दागदार किया है।
उन्होंने कहा कि जहां कार्रवाई करनी चाहिए वहां नहीं होती व हाल ही में शिमला में कॉर्लगर्ल मामले को दबाकर दोषी व्यक्ति को क्लीन चिट दे दी गई। वीरभद्र ने कहा कि यह पहला मौका है कि एक सप्ताह के अंदर विजिलेंस ने मामले को हल कर दोषी को क्लीन चिट दी है।
अपने विभाग के बारे में वीरभद्र ने कहा कि सरकार ने स्टील की कीमतें बढ़ने नहीं दी है क्योंकि स्टील का इस्तेमाल आम आदमी करता है। उन्होंने कहा कि हमने पनामा में सेंक्युरी एरिया के कारण बंद पड़ी हीरे की खान को पुन: चालू करवाया है तथा निजी क्षेत्र में स्टील को बढ़ावा देने के लिए 72 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
चुनाव पर्यवेक्षक ने ली अधिकारियों की बैठक
पानीपत. एसडी कॉलेज के सभागार में पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक राजीव आर जाधव ने शुक्रवार को चुनाव के लिए नियुक्त सेक्टर सुपरवाइजर की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता की अनुपालना करना आप सभी का नैतिक दायित्व है। इसलिए चुनाव के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देशित सभी नियमों के तहत गहनता से निरीक्षण कर अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें।
दी जाएगी ईवीएम की ट्रेनिंग
उन्होंने कहा कि आज से एसडी कालेज के सभागार में वोटिंग मशीनों की ट्रेनिंग नियमित रूप से प्रारंभ की गई है। इस दौरान 13 अक्तूबर से पूर्व इसी सभागार में आवश्यक दिशा निर्देश के दृष्टिगत कई बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा सभी सुपरवाइजर सुचारू रूप से निष्पक्ष, स्वतंत्र व शांतिपूर्ण मतदान संपन्न करवाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग से संबंधित सभी नियमों और निर्देशों की पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें तथा उसका पूर्ण रूप से पालक सुनिश्चित करे।
केंद्रों का दौरा किया
विधानसभा क्षेत्र इसराना (आरक्षित) के पर्यवेक्षक एमए उदय कुमार ने शुक्रवार को गांव नौल्था, डिडवाडी, वजीरपुर टिटाना, गवालड़ा तथा मांडी गावों का दौरा किया और सरकारी स्कूलों में स्थापित 13 मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा, बिजली, पीने के पानी, सफाई आदि व्यवस्थाओं बारे निरीक्षण किया।
दी जाएगी ईवीएम की ट्रेनिंग
उन्होंने कहा कि आज से एसडी कालेज के सभागार में वोटिंग मशीनों की ट्रेनिंग नियमित रूप से प्रारंभ की गई है। इस दौरान 13 अक्तूबर से पूर्व इसी सभागार में आवश्यक दिशा निर्देश के दृष्टिगत कई बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा सभी सुपरवाइजर सुचारू रूप से निष्पक्ष, स्वतंत्र व शांतिपूर्ण मतदान संपन्न करवाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग से संबंधित सभी नियमों और निर्देशों की पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें तथा उसका पूर्ण रूप से पालक सुनिश्चित करे।
केंद्रों का दौरा किया
विधानसभा क्षेत्र इसराना (आरक्षित) के पर्यवेक्षक एमए उदय कुमार ने शुक्रवार को गांव नौल्था, डिडवाडी, वजीरपुर टिटाना, गवालड़ा तथा मांडी गावों का दौरा किया और सरकारी स्कूलों में स्थापित 13 मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा, बिजली, पीने के पानी, सफाई आदि व्यवस्थाओं बारे निरीक्षण किया।
प्रिय स्टूडेंट जसवंत से गुरू भी नाराज
भाजपा से निष्कासित नेता व पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के लिए यह बड़ा झटका है कि उनके गुरू प्रो. दुर्गा प्रसाद द्विवेदी ने ‘जिन्ना - इंडिया पार्टीशन इंडीपेंडेंस’ में जिन्ना की तारीफ का विरोध किया है।1951-52 में श्री सिंह अजमेर के मेयो कालेज में 8 वीं क्लास में थे, तब वे श्री द्विवेदी के प्रिय स्टूडेंट थे। लंबे समय से खामोशी ओढ़े श्री द्विवेदी ने ‘दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कहा कि ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जिन्ना के बारे में किसी के अच्छे विचार हो ही नहीं सकते। वे ब्रिटिशर्स के पिछलग्गू थे। उन्हीं की वजह से हिंदुस्तान का विभाजन हुआ।’ इसके बावजूद श्री द्विवेदी का मानना है कि ये श्री सिंह के व्यक्तिगत विचार हैं। हर किसी को अपने विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। उन्होंने श्री सिंह का बचाव करते हुए यह भी कहा कि अनुशासित मानी जाने वाली पार्टी भाजपा को श्री सिंह को एकदम से नहीं निकालना था। उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका देने के लिए पहले नोटिस देना था। श्री द्विवेदी ने मेयो कालेज में रहते हुए पीएससी की परीक्षा दी। टापर के रूप में सलेक्ट होकर नायब तहसीलदार बने। वे अपर कलेक्टर होकर रिटायर हुए। इन दिनों रायपुर में स्वतंत्रता सेनानी पत्नी तारादेवी द्विवेदी के साथ रह रहे हैं।विदेशमंत्री थे तब चिट्ठी लिखी -श्री द्विवेदी ने कहा कि अपने स्टूडेंट को राजनीति में शिखर पर और देश की सेवा करते हुए देखकर काफी फक्र हुआ। जब वे विदेशमंत्री थे तब मैंने उन्हें पत्र लिखा था। उन्होंने इसका जवाब दिया कि ‘आपका पत्र पढ़कर काफी खुशी हुई।’ब्रिलियंट स्टूडेंट और फस्र्ट क्लास स्पीकरश्री द्विवेदी ने स्टूडेंट के रूप में श्री सिंह की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि जसवंत 70 फीसदी से अधिक मार्क्स लाते थे। ज्योग्राफी उनका प्रिय सब्जेक्ट था। वे बेहतरीन स्पीकर थे। वाद-विवाद स्पर्धाओं में बढ़ चढ़कर भाग लेते थे। उन्हें हराना मुश्किल था। फुटबाल और हाकी की टीम उनके बिना अधूरी लगती थी। दुबले-पतले बेहद शालीन व अनुशासित स्टूटेंड थे। मुझे याद नहीं कभी उन्होंने उदण्डता की हो।शायद अनुशासित होने और राजपूत परिवार से होने की वजह से उन्होंने ‘आर्मी’ ज्वाइन की।
नौकरशाही ने दबाई आवाज
नागौर ने शुक्रवार को 50 साल बाद एक बार फिर पंचायतीराज को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस बार भी इसकी गवाह नेहरू खानदान की बहू और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी बनीं। सोनिया ने शुक्रवार को बी.आर. मिर्धा कॉलेज के उसी मैदान पर पंचायतीराज सशक्तीकरण का दीप जलाया, जहां 1959 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पंचायतराज की नींव का दीप जलाया था।पंचायतीराज की स्वर्ण जयंती के मौके पर आयोजित समारोह में सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले 50 साल के दौरान जीवन के दूसरे क्षेत्रों में हम बहुत आगे बढ़े हैं, लेकिन पंचायतीराज के क्षेत्र में कुछ कमियां रह गई हैं। सत्ता की राजनीति और निजी स्वार्थो के कारण पंचायतीराज संस्थाओं की उपेक्षा हुई है। अफसरशाही का महत्व बढ़ता गया। पंचायतें और पालिकाएं अफसरशाही के सामने मजबूर होती गईं। नतीजा यह हुआ कि गांव और आम आदमी की आवाज दबने लगी है। उन्होंने कहा कि जब स्वर्गीय राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने देशभर में दौरा किया और लोगों की जिंदगी को बदलने का संकल्प लिया। लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए उन्होंने संघर्ष किया और उसी का नतीजा रहा कि 1993 में केन्द्र सरकार ने पंचायतों को कानूनी हक दिया। इसमें महिलाओं को आरक्षण भी दिया गया। आज देशभर में 12 लाख से ज्यादा महिलाएं पंचायतीराज के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं। मुख्यमंत्री गहलोत की प्रशंसा:राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रशंसा करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि यहां के लोगों की दुख तकलीफों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पिछले 5 माह के कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। पिछली सरकार की लापरवाही की वजह से जो समस्याएं पैदा हुई थीं, उन्हें भी दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।नागौर में पानी की समस्या दूर करे सरकारसोनिया ने कहा कि उन्हें मालूम है कि यहां पीने के पानी और बिजली की काफी समस्या है। तीन साल पहले जब वे यहां आई थीं तो पीने के पानी की समस्या के बारे में उन्होंने कुछ कहा था। अब अशोक गहलोत दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं तो उन्हें उम्मीद है कि वे इस तरफ जरूर ध्यान देंगे। यहां की और भी समस्याएं हैं उन्हें भी शीघ्र दूर किया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंच पर ही घोषणा की कि नागौर की पेयजल योजना के प्रथम चरण का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। दूसरे चरण का सर्वे भी शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा। निजी स्वार्थो के कारण हुई पंचायतीराज संस्थाओं की उपेक्षा : सोनियाजीवन के दूसरे क्षेत्रों में हम आगे बढ़े हैं, लेकिन पंचायतीराज के क्षेत्र में कुछ कमियां रह गई हैं। राजनीति और निजी स्वार्थो के कारण पंचायतीराज संस्थाओं की उपेक्षा हुई है।जनता ने पांच माह पहले ही कांग्रेस की नीतियों और कार्यक्रमों में विश्वास व्यक्त किया है। हमारी पार्टी और कार्यकर्ताओं को जनता के इस विश्वास पर खरा उतरना है।
उच्च् शिक्षा मंत्री को सौंपे ज्ञापन
उच्च शिक्षा मंत्री के बीकानेर आगमन पर कई संगठनों ने ज्ञापन सौंपे और समस्याओं के समाधान की मांग की।
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने उच्च शिक्षा मंत्री के बीकानेर आगमन पर ज्ञापन सौंपकर शिक्षा विभाग के तुगलकी व तानाशाही निर्णयों का विरोध जताया। संघ के श्रीबल्लभ पुरोहित ने बताया कि सरकार के निर्णय से शैक्षिक वातावरण में बदलाव आ रहा है। शिक्षकों में भय की स्थिति है। उच्च शिक्षामंत्री से मिले प्रतिनिधिमंडल में राजेश जोशी, अरविन्द जैन, कैलाश दान और दिनेश आचार्य आदि शामिल थे।
राजस्थान प्रयोगशाला सहायक संघ ने भी उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। संघ का पांच सूत्रीय मांग-पत्र अध्यक्ष फूसाराम नायक ने सौंपा, जिसमें प्रयोगशाला सहायकों को संवैधानिक अधिकार, बढ़ते हुए सेवाकाल के अनुरूप पदोन्नति, नार्म्स ऑफ ड्यूटी निर्धारित किए जाने सहित कई मांगें थी। मरुप्रदेशीय गुर्जर महासभा के अध्यक्ष सुगनाराम गुर्जर, समाजसेवी नरसिंह, नरेन्द्रसिंह, सोहनलाल आदि ने देवनारायण मंदिर में ऊर्जामंत्री का साफा पहनाकर स्वागत किया।
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने उच्च शिक्षा मंत्री के बीकानेर आगमन पर ज्ञापन सौंपकर शिक्षा विभाग के तुगलकी व तानाशाही निर्णयों का विरोध जताया। संघ के श्रीबल्लभ पुरोहित ने बताया कि सरकार के निर्णय से शैक्षिक वातावरण में बदलाव आ रहा है। शिक्षकों में भय की स्थिति है। उच्च शिक्षामंत्री से मिले प्रतिनिधिमंडल में राजेश जोशी, अरविन्द जैन, कैलाश दान और दिनेश आचार्य आदि शामिल थे।
राजस्थान प्रयोगशाला सहायक संघ ने भी उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। संघ का पांच सूत्रीय मांग-पत्र अध्यक्ष फूसाराम नायक ने सौंपा, जिसमें प्रयोगशाला सहायकों को संवैधानिक अधिकार, बढ़ते हुए सेवाकाल के अनुरूप पदोन्नति, नार्म्स ऑफ ड्यूटी निर्धारित किए जाने सहित कई मांगें थी। मरुप्रदेशीय गुर्जर महासभा के अध्यक्ष सुगनाराम गुर्जर, समाजसेवी नरसिंह, नरेन्द्रसिंह, सोहनलाल आदि ने देवनारायण मंदिर में ऊर्जामंत्री का साफा पहनाकर स्वागत किया।
तबादलों के नाम पर हो रही है दलाली’
राजस्थान राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा कि गरीबों को भगवान समझ कर उनका काम करना चाहिए। जो गरीबों से काम के बदले पैसे की अपेक्षा करता है वो एवं उसका परिवार कभी सुखी नहीं रह सकता। उन्होंने माना कि कुछ लोग तबादलों के नाम पर दलाली ले रहे हैं।
यहां शुक्रवार को जाट विश्राम स्थली में आयोजित राजस्थान पटवार संघ अजमेर जिले के दो दिवसीय अधिवेशन में उन्होंने भ्रष्टाचार की बढ़ती प्रवृति पर चिंता जताते हुए पटवारियों से निष्ठा एवं ईमानदारी से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने बरसों से एक ही हल्के में नौकरी कर रहे पटवारियों के तबादले के लिए पॉलिसी तय करने पर जोर दिया।
उन्होंने माना की कुछ लोग तबादलों के नाम पर दलाली ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे परिवार का मुखिया होने के नाते पटवारियों की हर समस्या के समाधान की हर संभव कोशिश करेंगे। इससे पूर्व संघ के जिला अध्यक्ष थानसिंह योगेश्वर ने पटवारियों की समस्याओं पर 21 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रांतीय अध्यक्ष बंशीधर यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
अजमेर के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने स्वागत भाषण दिया। राजस्व मंत्री ने पटवार संघ की स्मारिका का विमोचन किया। महानिरीक्षक (पंजीयन एवं स्टाम्प) लाला राम गुगरवाल एवं एसडीएम करतार सिंह मीणा विशिष्ट अतिथि थे। यह अधिवेशन 12 साल बाद आयोजित किया गया प्रमुख मांगें : वर्ष 2003 में पदास्थापित पटवारियों की समस्याओं का निराकरण, एसीपी पर पदोन्नति का लाभ, यात्रा भत्ता नियमों में परिवर्तन, तहसील मुख्यालय पर सभा भवन की व्यवस्था, समयबद्ध पदोन्नति, पटवारियों को प्रताड़ित करने से रोका जाए, पटवार घरों की व्यवस्था व मकान भत्ता दिलाएं आदि। नहीं आया एक भी विधायक : समारोह में आमंत्रित करने पर भी कोई विधायक नहीं आया।
समापन आज : अधिवेशन शनिवार को संपन्न होगा। सुबह 9 बजे प्रांतीय अध्यक्ष यादव के आतिथ्य में खुला अधिवेशन एवं गोष्ठी होगी।
यहां शुक्रवार को जाट विश्राम स्थली में आयोजित राजस्थान पटवार संघ अजमेर जिले के दो दिवसीय अधिवेशन में उन्होंने भ्रष्टाचार की बढ़ती प्रवृति पर चिंता जताते हुए पटवारियों से निष्ठा एवं ईमानदारी से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने बरसों से एक ही हल्के में नौकरी कर रहे पटवारियों के तबादले के लिए पॉलिसी तय करने पर जोर दिया।
उन्होंने माना की कुछ लोग तबादलों के नाम पर दलाली ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे परिवार का मुखिया होने के नाते पटवारियों की हर समस्या के समाधान की हर संभव कोशिश करेंगे। इससे पूर्व संघ के जिला अध्यक्ष थानसिंह योगेश्वर ने पटवारियों की समस्याओं पर 21 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रांतीय अध्यक्ष बंशीधर यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
अजमेर के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने स्वागत भाषण दिया। राजस्व मंत्री ने पटवार संघ की स्मारिका का विमोचन किया। महानिरीक्षक (पंजीयन एवं स्टाम्प) लाला राम गुगरवाल एवं एसडीएम करतार सिंह मीणा विशिष्ट अतिथि थे। यह अधिवेशन 12 साल बाद आयोजित किया गया प्रमुख मांगें : वर्ष 2003 में पदास्थापित पटवारियों की समस्याओं का निराकरण, एसीपी पर पदोन्नति का लाभ, यात्रा भत्ता नियमों में परिवर्तन, तहसील मुख्यालय पर सभा भवन की व्यवस्था, समयबद्ध पदोन्नति, पटवारियों को प्रताड़ित करने से रोका जाए, पटवार घरों की व्यवस्था व मकान भत्ता दिलाएं आदि। नहीं आया एक भी विधायक : समारोह में आमंत्रित करने पर भी कोई विधायक नहीं आया।
समापन आज : अधिवेशन शनिवार को संपन्न होगा। सुबह 9 बजे प्रांतीय अध्यक्ष यादव के आतिथ्य में खुला अधिवेशन एवं गोष्ठी होगी।
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