Tuesday, May 4, 2010

''कांग्रेस से ही हो रहे चिदंबरम पर हमले''

वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने माओवादियों के साथ ही उन ''अद्र्ध माओवादियों'' से भी सावधान रहने की सलाह दी है जो अपने बयानों से इस लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा सहित पूरा विपक्ष जब नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में गृहमंत्री पी चिदंबरम का साथ दे रहा है, कांग्रेस और यूपीए के अंदर से ही उनके खिलाफ उठ रही आवाजें इस लड़ाई को कमजोर कर रही हैं।जेटली ने कहा कि माओवादी गरीबी उन्मूलन के नहीं, बल्कि लोकतंत्र उन्मूलन के अभियान में लगे हैं। ये दरअसल, भारतीय राज्य पर कब्जा करना चाहते हैं। लोकतांत्रिक तरीके से चुन कर आई सरकार को हटा कर खुद सत्ता हासिल करने की तैयारी में हैं और संसदीय लोकतंत्र की जगह वैचारिक तानाशाही स्थापित करना चाहते हैं।उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक लग रहा था कि वामपंथी अतिवाद को काफी हद तक समाप्त कर दिया गया है, लेकिन इस दशक के उत्तराद्र्ध में इसने एक बार फिर से उभार लिया है। साथ ही इसका भौगोलिक विस्तार भी हो रहा है। यूपीए सरकार की पहली पारी के दौरान इसमें खासी बढ़ोतरी हुई। क्योंकि तब सरकार ने इस मुद्दे को पूरी तरह उपेक्षित कर दिया और तब के गृह मंत्री सिर्फ यह कहते रहे कि इन इलाकों में विकास योजनाओं को पहुंचाना है।भाजपा नेता के मुताबिक दूसरी पारी में यूपीए सरकार ने इसकी गंभीरता को समझा है। गृहमंत्री भी गंभीर नजर आते हैं, लेकिन जिस तरह के बयान वे अक्सर देते रहते हैं, उससे समस्या खड़ी हो जाती है। हाल ही में वे पश्चिम बंगाल की यात्रा पर गए तो वहां के मुख्यमंत्री के बारे में ऐसा बयान दे आए जिस पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई, लेकिन 48 घंटों के अंदर ही दंतेवाड़ा कांड हो गया जिसके बाद उन्हीं के मुहावरे का इस्तेमाल कर उनको कठघरे में खड़ा किया जाने लगा।इस कांड के बावजूद भाजपा सहित पूरा विपक्ष नक्सलियों के खिलाफ इस लड़ाई में चिदंबरम के साथ खड़ा रहा, लेकिन उन पर कांग्रेस और यूपीए के अंदर से ही हमला होने लगा। जेटली ने कहा, हमें यह समझना चाहिए कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में पहले ही काफी देर हो चुकी है। अब इस तरह के बयान देकर इस लड़ाई को और कमजोर न करें।

Monday, May 3, 2010

केंद्रीय मंत्री पर गंभीर आरोप

राज्यसभा में आज माकपा द्वारा एक केंद्रीय मंत्री पर बांग्लादेश के हथियार कारोबारियों के साथ कथित सौदा करने के आरोप लगाने और सरकार से उस मंत्री के नाम का खुलासा करने की मांग पर विपक्षी राजग, वाम और अन्नाद्रमुक के सदस्यों के भारी हंगामे के कारण बैठक शून्यकाल में एक बार के स्थगन के बाद एक घंटे के लिए करीब पौने दो बजे तक स्थगित कर दी गई।शून्यकाल में माकपा के मोइनुल हसन ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक केंद्रीय मंत्री के बारे में यह आरोप हैं कि उन्होंने बांग्लादेश के हथियार कारोबारियों के साथ सौदा किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन सौदों के जरिए मंगाए गए हथियारों से हाल ही में पश्चिम बंगाल में एक बैंक में लूटपाट की गई। हसन ने आरोप लगाया कि माओवादी भी इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले को देश की संप्रभुता से जुड़ा हुआ करार दिया और कहा कि पूरे मामले की जांच करानी चाहिए तथा उसके नतीजों से सदन को अवगत कराया जाना चाहिए। इसके फौरन बाद वाम और विपक्षी राजग के सदस्य सरकार से मांग करने लगे कि वह मामले की जांच करे तथा मंत्री का नाम बताए।विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने कहा, हम संविधान से बंधे हुए हैं तथा मंत्री भी संविधान एवं देश की संप्रभुता की रक्षा की शपथ लेते हैं। इस मामले में जो आरोप लगाए जा रहे हैं उनके अनुसार, देश की संप्रभुता से समझौता किया गया है। यह गंभीर मामला है और सरकार को यह आश्वासन देना चाहिए कि वह मामले की जांच कर कल उसके नतीजों से सदन को अवगत कराएगी।विपक्षी सदस्य इस बात पर भी जोर देने लगे कि पीठासीन अध्यक्ष पी जे कुरियन सरकार को इस मामले में जवाब देने के लिए निर्देश दें। कुरियन ने कहा कि वह सरकार को जवाब देने के लिए निर्देश नहीं दे सकते, यह सरकार पर निर्भर है कि वह इस मामले में प्रतिक्रिया दे या न दे। हंगामे के बीच, संसदीय कार्य राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि सरकार सदन में उठाए गए हर मामले को गंभीरता से लेती है तथा वह इस मामले को भी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य के पास किसी मंत्री के खिलाफ कोई ठोस प्रमाण हैं तो वह समुचित प्रस्ताव लाए।

मोदी की तारीफों के पुल बांधे आडवाणी ने

हाल ही में गुजरात में हुए 'स्वर्णिम गुजरात समारोह' से अभिभूत भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी समारोह के बाद अब प्रदेश के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में जुट गए हैं।आडवाणी ने अपने ब्लॉग में लिखा है, पिछले ६० साल में मैंने कई सरकारी नेताओं को कई घटनाओं या संस्थानों की रजत और स्वर्ण जयंती का आयोजन करते देखा है, लेकिन गुजरात में नरेंद्र मोदी ने जो समारोह किया, वह अपने आप में अनूठा था। उन्होंने लिखा है, स्वर्णिम गुजरात समारोह केवल एक सरकारी समारोह नहीं था। अपनी सोच, नया कुछ करने की इच्छा, करिश्माई अपील और कड़ी मेहनत से मोदी ने इसे एक व्यापक जन समारोह बना दिया।आडवाणी ने लिखा है, उदाहरण के लिए भारत के बाहर से आए देशवासियों और प्रदेश के बाहर से आए लोगों के लिए किए गए समारोह जय नाद, जिसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मैंने भाग लिया, उसका आयोजन न केवल इसी स्थान पर हुआ, बल्कि इसे उसी समय प्रदेश के हजारों गांवों, कस्बों और शहरों में भी आयोजित किया गया।

पप्पू यादव की जमानत निरस्त

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता अजित सरकार की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना उच्च न्यायालय से मिली जमानत सोमवार को निरस्त कर दी।
न्यायाधीश मार्केडेय काटजू एवं एके पटनायक की खंडपीठ ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकील की दलीलें सुनने के बाद बाहुबली नेता की जमानत निरस्त कर दी।
यह है मामला
उल्लेखनीय है कि सीबीआई के विशेष न्यायाधीश बी एम श्रीवास्तव ने 14 फरवरी 2008 को यादव को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। लेकिन, पटना उच्च न्यायालय ने गत वर्ष 18 फरवरी को उन्हें जमानत दे दी थी। सीबीआई के वकील ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चतम न्यायालय से यादव की जमानत निरस्त करने की मांग की थी। ज्ञात हो कि माकपा नेता सरकार की 14 जून 1998 में बिहार में पूर्णिया शहर के सुभाष नगर इलाके में हत्या कर दी गई थी।

Sunday, May 2, 2010

मुख्यमंत्री को चूहे ने काटा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सीतीमढ़ी के सर्किट हाउस में शनिवार की रात एक चूहे ने काट लिया।नीतीश कुमार इन दिनों विश्वास यात्रा के तहत पूरे बिहार की यात्रा कर रहे हैं। इसी दौरान नीतीश शनिवार को सीतामढ़ी पहुंचे जहां रात को सोते वक्त एक चूहे ने उनके बिछावन पर आकर उनके दाहिने हाथ की बीच वाली अंगुली को काट लिया।इस बात का पता चलते ही डॉक्टरों की एक टीम ने मुख्यमंत्री के अंगुली पर बेंडेज कर उन्हें इंजेक्शन लगाई।

''बसपा से निकाले जाएंगे सभी दागी''

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को यहां कहा कि समाजवादी पार्टी तथा कुछ अन्य विरोधी दलों ने विधानसभा चुनाव से पूर्व सोची समझी राजनीति के तहत अपने आपराधिक तत्वों को बसपा में शामिल कराया और अब पार्टी ने सभी आपराधिक चरित्र वाले लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने का अभियान शुरू कर दिया है जिसके तहत अब तक लगभग 500 लोगों को पार्टी से बाहर निकाला जा चुका है।मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि गत विधानसभा चुनाव में उन्होंने प्रदेश की चाकचोबंद सुरक्षा और अपराध मुक्त प्रदेश का वादा किया था और सरकार बनते ही आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई थी, इसके बाद समाजवादी पार्टी तथा कुछ अन्य दलों ने षडयंत्र के तहत अपने आपराधिक तत्वों को हमारे यहां शामिल होने के लिए भेजना शुरू कर दिया।मायावती ने कहा कि जब उन्हें अपने विश्वस्त सूत्रों से इस षडयंत्र की जानकारी लगी तो उन्होंने गत 17 अप्रैल को अपनी पार्टी की कोर इकाई को तत्काल सख्त निर्देश देकर 29 अप्रैल तक प्रदेश के सभी जिलों में बसपा में शामिल आपराधिक तत्वों को बाहर का रास्ता दिखाए जाने के निर्देश दे दिए थे।उन्होंने बताया कि आपराधिक तत्वों को पार्टी से निकाले जाने के लिए चलाए गए इस विशेष अभियान में अब तक लगभग 500 आपराधिक इतिहास वाले लोगों को पार्टी से निकाला जा चुका है और जिला इकाइयों को पुन: निर्देश दिए गए है कि 13 मई से पहले शेष अगर बचे हो तो उन आपराधिक तत्वों की सूची बनाकर इन्हें भी पार्टी से तुरन्त निकाल दिया जाए।यह पूछे जाने पर कि अब तब निकाले गए 500 आपराधिक छवि के लोगों में क्या विधायक और सांसद भी शामिल है, मायावती ने कहा कि अभी निकाले गए आपराधिक छवि के लोगों की सूची की छंटनी नहीं की गई है। इस सूची में विधायक और सांसद भी हो सकते हैं।

राजा के इस्तीफे की मांग अस्वीकार्य : करूणानिधि

द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (डीएमके) के अध्यक्ष व तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि ने रविवार को संकेत दिया कि उनकी पार्टी 2जी स्पेक्ट्रम विवाद के मद्देनजर विपक्ष की ओर से संचार मंत्री ए. राजा के इस्तीफे की मांग को स्वीकार नहीं करेगी।विपक्ष द्वारा राजा के इस्तीफे की मांग के बारे में पूछे जाने पर करूणानिधि ने पत्रकारों से कहा, मैं यहां आपको खुशखबरी देने नहीं आया हूं।करूणानिधि के बेटे व केंद्रीय रसायन व ऊर्वरक मंत्री एम. के. अलागिरी की संसद में बदस्तूर अनुपस्थिति के बारे में पूछ जाने पर उन्होंने कहा, आप उनसे ही पूछिए, मुझसे मत पूछिए।रविवार सुबह दिल्ली पहुंचे करूणानिधि ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से मुलाकात की और उन्हें जून महीने में कोयम्बटूर में आयोजित होने वाल विश्व तमिल सम्मेलन में आमंत्रित किया।उन्होंने कहा, मुझे पूरी उम्मीद है कि राष्ट्रपति हमारे आमंत्रण को स्वीकार करेंगी।