अमर सिंह ने कांग्रेस से नाता तोड़ने का फैसला पहले ही कर लिया था, मुलायम सिंह यादव को इससे सहमत भी करवा लिया था, सिर्फ मौके का इंतजार कर रहे थे।मौका उन्हें सीबीआई ने दे दिया। सीबीआई के पास नेताओं के भ्रष्टाचार की अपार शिकायतें आती रहती हैं और उनमें से सिर्फ कुछ पर प्राथमिक जांच की जाती है। इसके अलावा कई मामलों को संबंधित विभागों के पास भेज दिया जाता है। मुलायम सिंह यादव की आय से अधिक संपत्ति के बारे में शिकायत लगभग डेढ़ साल पहले मिली थी। उस समय कांग्रेस और मायावती के बीच खूब खिचड़ी पक रही थी। इसलिए नीलोत्तमा वर्मा नाम की सीबीआई की एक डीआईजी को तलब किया गया और एक जाने माने वकील ने जो दस्तावेज नीलोत्तमा को दिया वही आखिरकार निर्णायक दस्तावेज बन गया।यह खबर सीबीआई फाइलों में खामोश पड़ी थी लेकिन अचानक स्टार न्यूज पर इसका प्रसारण हुआ। प्रसारण के कुछ ही समय बाद यह भी कह दिया गया कि सीबीआई ने इस संबंध में अभी कोई रिपोर्ट पेश नहीं की है। अगले ही दिन दिल्ली के एक बड़े अखबार में इस संबंध में एक खबर प्रकाशित हुई और अमर सिंह ने हंगामा खड़ा कर दिया।वैसे भी जिस व्यक्ति ने शिकायत की थी वह काफी हद तक अनपढ़ रहा होगा। उसे चीजों के बाजार भाव का भी पता नहीं था। जो कार सात लाख रूपए में आती है उसे सत्तर लाख का बताया गया था और कई ऐसी संपत्तियों और कंपनियों के बारे में विवरण दिया गया था जो अस्तित्व में ही नहीं हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की एक द्वीप टाकीज भी है जिसकी स्थापना तब हो चुकी थी जब कांशीराम ने राजनीति करना भी शुरू नहीं किया था।अमर सिंह को जो तकलीफ हुई होगी वह समझ में आती है लेकिन मायावती को सीबीआई के खिलाफ एक नया हथियार मिल गया है क्योंकि वे सीबीआई का कबाड़ा काफी पहले से करना चाहती थी। उनके खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई जांच कर रही है। एक बार सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें राहत मिल चुकी है।अमर सिंह अगर सीबीआई से नाराज नहीं हैं तो वे खुश दिग्विजय सिंह से भी नहीं है। दिग्विजय सिंह ने भी अब अमर सिंह के साथ अपनी दुश्मनी को औपचारिक बना लिया है। अमर सिंह ने जब सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह को भरपेट गालियां दी तो सिर्फ दिग्विजय सिंह ही यह कहने के लिए सामने आए कि अमर सिंह को शालीन भाषा का परिचय देना चाहिए था और अगर वे इसी तरह बोलते रहेंगे तो आखिरकार उनके खिलाफ भी इसी तरह का अभियान शुरू होगा।लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में आने वाली है। वैसे भी पार्टी की हालत बहुत अच्छी नहीं हैं और अगर यही सिलसिला जारी रहा तो बसपा और समाजवादी पार्टी मिल कर कांग्रेस को अच्छी तरह निपटा देंगे। वैसे कांग्रेस के कई नेताओं को यह भी दावा है कि कल्याण सिंह से संबंध स्थापित कर लेने के बाद समाजवादी पार्टी उनके लिए बोझ ही बन गई थी और अच्छा ही हो रहा है कि खुद समाजवादी पार्टी अपने आपको किसी न किसी बहाने कांग्रेस से दूर करने के उपाय निकाल रही है।दिग्विजय सिंह जो आम तौर पर अर्जुन सिंह का शिष्य होने के नाते बहुत सोच समझ कर बोलते हैं, फिलहाल बहुत गुस्से में हैं। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि मुलायम सिंह यादव ने पूरी जिंदगी लगा कर समाजवादी पार्टी को जिस मुकाम तक पहुंचाया था, अमर सिंह उसे वापस शून्य पर ला कर छोड़ेंगे। लेकिन दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि यह मुलायम सिंह जी की चिंता का विषय है और उन्हें उम्मीद है कि मुलायम सिंह यादव को इंसानों की अच्छी परख है।
Tuesday, February 10, 2009
संप्रग से नहीं होगा समर्थन वापस''
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार की ज्ञात स्त्रोतों से हुई आय से अधिक संपत्ति के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही जांच के मद्देनजर वह केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार से समर्थन वापस नहीं लेगी।सपा प्रवक्ता अमर सिंह ने आज कांग्रेस पर अपने कल के आक्रामक तेवर में कुछ नरमी लाते हुए कहा कि सपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को कोई चुनौती नहीं दी और वह उच्चतम न्यायालय में सपा सुप्रीमो के खिलाफचल रहे मामले को आधार बनाकर संप्रग सरकार से हाथ नहीं खींचेगी।उन्होंने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले को हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि सीबीआई ने जो आरोप पत्र दाखिल किया है उसमें कई गलतियां हैं। सिंह ने कहा कि वह सीबीआई पर विश्वास नहीं करते। लेकिन इसके बावजूद भी सपा केंद्र सरकार से समर्थन वापस नहीं लेगी।
गहलोत के भाषण में झलकी जोशी के हार की वेदना
राजस्थान की राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी की मात्र एक मत से हार की वेदना मंगलवार को नाथद्वारा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाषण में स्पष्ट रुप से झलकी वहीं गहलोत ने डॉ. जोशी के प्रति अपार सम्मान जताते हुए नाथद्वारा क्षेत्र के लोगों के दिलों पर राज कर लिया।श्रीनाथजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेन्ट के नव निर्मित भवन के लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने मुख्य आतिथ्य के भाषण में अपने विश्वसनीय प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी को दूरदृष्टि का नेता बताते हुए जोशी की तारीफों के पुल बांध दिये। गहलोत ने श्रीनाथजी इंस्टीट्यूट संस्था की गतिविधियों व तेजी से बढ़ती प्रगति का श्रेय डॉ. जोशी को देते हुए कहा कि जोशी की दूरदृष्टि का ही परिणाम है कि यह संस्था वट वृक्ष के रूप में हमारे सामने खड़ी है।गहलोत ने वेदना भरे शब्दों में कहा कि डॉ. जोशी मात्र एक वोट की कमी के कारण एमएलए नहीं बने जो बड़े दुर्भाग्य की बात है जबकि लोकतत्र में ईमानदारी से कार्य करने वाले ऐसे (जोशी) व्यक्ति को जनता का सम्मान मिलना चाहिये। नाथद्वारा में मेडिकल कॉलेज खोलने की डॉ. जोशी द्वारा मांग करने पर गहलोत ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि जोशी आज भले ही एमएलए नहीं है तो क्या हुआ, आगे एमएलए व एम.पी. बनेंगे। साथ ही कहा कि जोशी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष है इसलिये इनके (जोशी) आदेश की पालना करना मेरा काम है। गहलोत ने कहा कि हमारे लिये डॉ. जोशी एमएलए से बढ़कर है। गहलोत ने विश्वास दिलाया कि जोशी जो आदेश देंगे वो तमाम कार्य नाथद्वारा में होंगे और विकास की दृष्टि से यह क्षेत्र पीछे नहीं रहेगा।गहलोत ने कहा कि जोशी के व्यक्तित्व व कृतित्व का नाथद्वारा गवाह है, यहां 1980 के पहले क्या था जिसे सभी जानते है। इस दौरान पाण्डाल में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने गहलोत व जोशी के बीच समन्वय को लेकर दोनों के समर्थन में जिन्दाबाद के नारों से पाण्डाल को गुंजा दिया।इससे पूर्व संस्था के निदेशक अशोक पारीक ने अपने भाषण में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोशी के योगदान की प्रशंसा की जिसके चलते पारीक भाव विहिल हो गये।
मुख्यमंत्री का नाथद्वारा में भावभीना स्वागत
राजसमन्द। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंगलवार सांय पॉच बजे राजकीय हेलिकोप्टर द्वारा नाथद्वारा के निकट गुंजोल हवाई पट्टी पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री सी.पी.जोशी भी साथ आये।
हवाई पट्टी पर अगवानी करने वालो में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ.गिरिजा व्यास, विधायक गणेश सिंह परमार ( कुम्भलगढ), रघुवीर मीणा (सराडा), पुष्कर डांगी (मावली), पूर्व विधायक लक्ष्मणसिंह रावत, बंशीलाल गहलोत, सामाजिक कार्यकर्ता नारायणसिंह भाटी, देवकी नन्दन गुर्जर, हरिसिंह राठौड, प्रदीप पालीवाल, भूमि विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष गोविन्दसिंह सहित संभागीय आयुक्त अपर्णा अरोड़ा, पुलिस महानिरीक्षक पी.के.व्यास, जिला कलक्टर ओंकारसिंह, जिला पुलिस अधीक्षक संतोष चालके, अतिरिक्त जिला कलक्टर टी.सी.बोहरा, नाथद्वारा के उपखण्ड अधिकारी गौरव बजाज एवं अनेक जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
आंतकवाद विरोधी संकल्प यात्रा रथ का अवलोकन ः-
मुख्यमंत्री ने हवाई पट्टी पर ही आंतकवाद विरोधी संकल्प यात्रा रथ का भी अवलोकन किया तत्पश्चात वे नाथद्वारा के लिए प्रस्थान कर गये।
हवाई पट्टी पर अगवानी करने वालो में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ.गिरिजा व्यास, विधायक गणेश सिंह परमार ( कुम्भलगढ), रघुवीर मीणा (सराडा), पुष्कर डांगी (मावली), पूर्व विधायक लक्ष्मणसिंह रावत, बंशीलाल गहलोत, सामाजिक कार्यकर्ता नारायणसिंह भाटी, देवकी नन्दन गुर्जर, हरिसिंह राठौड, प्रदीप पालीवाल, भूमि विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष गोविन्दसिंह सहित संभागीय आयुक्त अपर्णा अरोड़ा, पुलिस महानिरीक्षक पी.के.व्यास, जिला कलक्टर ओंकारसिंह, जिला पुलिस अधीक्षक संतोष चालके, अतिरिक्त जिला कलक्टर टी.सी.बोहरा, नाथद्वारा के उपखण्ड अधिकारी गौरव बजाज एवं अनेक जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
आंतकवाद विरोधी संकल्प यात्रा रथ का अवलोकन ः-
मुख्यमंत्री ने हवाई पट्टी पर ही आंतकवाद विरोधी संकल्प यात्रा रथ का भी अवलोकन किया तत्पश्चात वे नाथद्वारा के लिए प्रस्थान कर गये।
जातिवाद की बात सभी के लिए खतरा : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
राजसमन्द। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बदलते परिवेश में उच्च शिक्षा से हर बालक-बालिका जुडे़, इसके लिए पब्लिक-प्राईवेट-पार्टनरशिप को बढ़ावा दिया जायेगा।
मुख्यमंत्राी मंगलवार को नाथद्वारा के श्रीनाथजी इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नीकल इंजीनियरिंग कोलेज परिसर में नये एम.बी.ए.भवन के लोकार्पण अवसर पर मुख्य अतिथि पद से सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने युवा पीढी का आव्हान किया कि वे बदलते परिवेश में शिक्षा से जुडे। शिक्षा के अभाव में उनके जीवन में अंधेरा ही रहेगा। उन्होने बताया कि शिक्षा के प्रसार के लिए गत कार्यकाल के दौरान प्रदेश के गांव-गांव-ढाणी-ढाणी में 23 हजार राजीव गांधी स्वर्णजयंती पाठशालाएं खोली थी ताकि किसी परिवार में कोई बालक अशिक्षित नही रहे।
उन्होने ग्रामीणों से भी आव्हान किया कि वे शिक्षा के क्षेत्रा में भागीदारी निभाते हुए सभी बच्चों को शिक्षा दिलवाएंगे। उन्होने बताया कि सरकार ने 73 एवं 74 वें संविधान संशोधन के जरिए सत्ता में भागीदारी भी दी है लेकिन शिक्षा के अभाव में कुछ भी विकास संभव नही है।
उन्होने कहा कि पब्लिक-प्राईवेट-पार्टनरशिप को आगे बढाने के लिए सरकार पुरा प्रयास करेगी। इसी तर्ज पर नाथद्वारा में मेडिकल कोलेज खोलने के लिए परीक्षण भी कराया जाएगा। उन्होने केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियों की चर्चा करते हुए कहा कि इससे देश का भरपूर विकास हुआ है। देश का नक्शा ही बदल गया है। गत पन्द्रह वर्ष में काफी बदलाव आया है। उन्होने कहा कि गांव के गरीब व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नरेगा योजना चलाई है जिससे ग्रामीण को एक वर्ष में सौ दिवस का रोजगार मिल रहा है।
मुख्यमंत्राी ने कहा कि वर्तमान में जो माहोल है उसका लाभ उठाने से ही समाज एवं व्यक्ति आगे बढ पाएगा। सरकार ने गत कार्यकाल में जो निर्णय लिए थे उसका सभी को लाभ मिल रहा है। आज संचार क्रांति का तेजी से विकास हुआ है। ऐसे में जातिवाद की बात करना हम सभी के लिए खतरा है। उन्होने बताया कि स्वर्गीय राजीव गांधी ने युवा वर्ग को 18 वर्ष की उम्र में मतदान देने का अधिकार दिया। उनका सोच था कि देश के विकास में युवा वर्ग की भागीदारी जरूरी है। देश को 21 वीं शताब्दी में ले जाने का उनका सपना था, ताकि 21 वीं शताब्दी में युवा वर्ग किसी क्षेत्रा में पीछे नही रहे।
उन्होने कहा कि सूचना का अधिकार लागू करने वाला प्रदेश पहला राज्य था, जहंा यह कानून लागू किया गया। इसका आमजन को लाभ मिला है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्राी डॉ.सी.पी.जोशी ने बताया कि सन् 1998 में पब्लिक-प्राईवेट-पार्टनरशिप के तहत पहली बार नाथद्वारा से मावली की सड़क का निर्माण कराया गया । इसी तर्ज पर आज मेडिकल कोलेज खोलने की जरूरत है। उन्होने कहा कि शिक्षा के क्षेत्रा मे यहंा हुए विकास से नाथद्वारा धार्मिक नगरी के साथ शिक्षा के क्षेत्रा में अग्रणी नगरी बनी है।
उन्होने सुशासन की अवधारणा के संबंध में कहा कि योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन हो तथा उसका लाभ गरीब ग्रामीण को मिले तथा इसकी निगरानी पंचायत राज के प्रतिनिधि करें तभी सही रूप से सुशासन की अवधारणा सफल रहेगी। पंचायत स्तर पर भी सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया प्रभावी होनेे के साथ साथ क्रियान्वयन पारदर्शी तथा जवाबदेह हा,े इसके लिए भी जनप्रतिनिधि पहल करें।
उन्होने एम.बी.ए.छात्राों से भी सुशासन की जानकारी रखने का आग्रह किया ताकि वे गरीब के बीच जाकर कार्य करें जिससे प्रदेश के हर व्यक्ति की आकांक्षाओं को पुरा करने का प्रयास सफल हो सकंे।
समारोह में प्रबन्ध संकाय के आई.वी.़ित्रावेदी एवं वी.के.अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए श्रीनाथजी इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नीकल इंजीनियरिंग में चल रहे विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। प्रारंभ में संस्थान के कार्यकारी प्रबन्ध निदेशक अशोक पारीक ने सभी का स्वागत किया तथा कॉलेज के विकास एवं प्रगति की जानकारी दी। इससे पूर्व संस्थान निदेशक देवकी नंदन गुर्जर, सम्पत डागलिया, शांतिलाल कोठारी , मोहन लाल पामेचा, श्याम सुंदर राठी ने मुख्य मंत्राी का पुष्प्प गूच्छ भेंट कर स्वागत किया।
मुख्यमंत्राी मंगलवार को नाथद्वारा के श्रीनाथजी इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नीकल इंजीनियरिंग कोलेज परिसर में नये एम.बी.ए.भवन के लोकार्पण अवसर पर मुख्य अतिथि पद से सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने युवा पीढी का आव्हान किया कि वे बदलते परिवेश में शिक्षा से जुडे। शिक्षा के अभाव में उनके जीवन में अंधेरा ही रहेगा। उन्होने बताया कि शिक्षा के प्रसार के लिए गत कार्यकाल के दौरान प्रदेश के गांव-गांव-ढाणी-ढाणी में 23 हजार राजीव गांधी स्वर्णजयंती पाठशालाएं खोली थी ताकि किसी परिवार में कोई बालक अशिक्षित नही रहे।
उन्होने ग्रामीणों से भी आव्हान किया कि वे शिक्षा के क्षेत्रा में भागीदारी निभाते हुए सभी बच्चों को शिक्षा दिलवाएंगे। उन्होने बताया कि सरकार ने 73 एवं 74 वें संविधान संशोधन के जरिए सत्ता में भागीदारी भी दी है लेकिन शिक्षा के अभाव में कुछ भी विकास संभव नही है।
उन्होने कहा कि पब्लिक-प्राईवेट-पार्टनरशिप को आगे बढाने के लिए सरकार पुरा प्रयास करेगी। इसी तर्ज पर नाथद्वारा में मेडिकल कोलेज खोलने के लिए परीक्षण भी कराया जाएगा। उन्होने केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियों की चर्चा करते हुए कहा कि इससे देश का भरपूर विकास हुआ है। देश का नक्शा ही बदल गया है। गत पन्द्रह वर्ष में काफी बदलाव आया है। उन्होने कहा कि गांव के गरीब व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नरेगा योजना चलाई है जिससे ग्रामीण को एक वर्ष में सौ दिवस का रोजगार मिल रहा है।
मुख्यमंत्राी ने कहा कि वर्तमान में जो माहोल है उसका लाभ उठाने से ही समाज एवं व्यक्ति आगे बढ पाएगा। सरकार ने गत कार्यकाल में जो निर्णय लिए थे उसका सभी को लाभ मिल रहा है। आज संचार क्रांति का तेजी से विकास हुआ है। ऐसे में जातिवाद की बात करना हम सभी के लिए खतरा है। उन्होने बताया कि स्वर्गीय राजीव गांधी ने युवा वर्ग को 18 वर्ष की उम्र में मतदान देने का अधिकार दिया। उनका सोच था कि देश के विकास में युवा वर्ग की भागीदारी जरूरी है। देश को 21 वीं शताब्दी में ले जाने का उनका सपना था, ताकि 21 वीं शताब्दी में युवा वर्ग किसी क्षेत्रा में पीछे नही रहे।
उन्होने कहा कि सूचना का अधिकार लागू करने वाला प्रदेश पहला राज्य था, जहंा यह कानून लागू किया गया। इसका आमजन को लाभ मिला है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्राी डॉ.सी.पी.जोशी ने बताया कि सन् 1998 में पब्लिक-प्राईवेट-पार्टनरशिप के तहत पहली बार नाथद्वारा से मावली की सड़क का निर्माण कराया गया । इसी तर्ज पर आज मेडिकल कोलेज खोलने की जरूरत है। उन्होने कहा कि शिक्षा के क्षेत्रा मे यहंा हुए विकास से नाथद्वारा धार्मिक नगरी के साथ शिक्षा के क्षेत्रा में अग्रणी नगरी बनी है।
उन्होने सुशासन की अवधारणा के संबंध में कहा कि योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन हो तथा उसका लाभ गरीब ग्रामीण को मिले तथा इसकी निगरानी पंचायत राज के प्रतिनिधि करें तभी सही रूप से सुशासन की अवधारणा सफल रहेगी। पंचायत स्तर पर भी सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया प्रभावी होनेे के साथ साथ क्रियान्वयन पारदर्शी तथा जवाबदेह हा,े इसके लिए भी जनप्रतिनिधि पहल करें।
उन्होने एम.बी.ए.छात्राों से भी सुशासन की जानकारी रखने का आग्रह किया ताकि वे गरीब के बीच जाकर कार्य करें जिससे प्रदेश के हर व्यक्ति की आकांक्षाओं को पुरा करने का प्रयास सफल हो सकंे।
समारोह में प्रबन्ध संकाय के आई.वी.़ित्रावेदी एवं वी.के.अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए श्रीनाथजी इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नीकल इंजीनियरिंग में चल रहे विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। प्रारंभ में संस्थान के कार्यकारी प्रबन्ध निदेशक अशोक पारीक ने सभी का स्वागत किया तथा कॉलेज के विकास एवं प्रगति की जानकारी दी। इससे पूर्व संस्थान निदेशक देवकी नंदन गुर्जर, सम्पत डागलिया, शांतिलाल कोठारी , मोहन लाल पामेचा, श्याम सुंदर राठी ने मुख्य मंत्राी का पुष्प्प गूच्छ भेंट कर स्वागत किया।
Monday, February 9, 2009
मुख्यमंत्री ने सम्बल दिया मासूम को
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किशनगढ़ रेनवाल की उस मासूम बालिका को 5 लाख रूपये की आर्थिक सहायता मंजूर की है जिसको एक पड़ौसी ने पिछले दिनों अपनी हैवानियत का शिकार बना लिया था। पीड़ित बालिका के उपचार में गैर-िजम्मेदाराना व्यवहार के आरोप में किशनगढ़ रेनवाल की चिकित्सक डा. जया शर्मा को भी निलम्बित कर दिया है।मुख्यमंत्री इस घिनौने कृत्य से इतने पीड़ित थे कि उन्होंने खुद पहल कर मामले की छानबीन के लिये उच्च अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। समाज सेविका सुनीता सत्यार्थी ने भी पूरे घटनाक्रम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। सुनीता सत्यार्थी इस मासूम बालिका को सम्बल प्रदान करने के लिये पहले से ही लगी हुई है।मुख्यमंत्री ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुये बच्ची के लिये 5 लाख रूपये की सहायता मुख्यमंत्री सहायता कोष से देने का फैसला किया है। यह राशि एफ.डी.आर. के रूप में बच्ची के नाम पर जमा कराई जायेगी। इसके ब्याज की राशि बालिग होने तक उसकी परवरिश और शिक्षा पर खर्च की जायेगी। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही आला अधिकारियों को निर्देश दिये है कि इस मामले के आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाये। किसी भी सूरत में आरोपी इस जघन्य अपराध के लिये बच नहीं पाये, यह सुनिश्चित किया जाये। गहलोत ने निलम्बित डॉक्टर के खिलाफ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जांच कराये जाने के निर्देश भी दिये हैं।गौरतलब है कि पिछले दिनों किशनगढ़ रेनवाल में छोटी डूंगरी निवासी मोहन मीणा की सिर्फ डेढ़ साल की मासूम बालिका के साथ उसी के प.ड़ौसी द्वारा बलात्कार कर दिया गया था। पुलिस द्वारा आरोपी गोपाल को गिरफ्तार किया जा चुका है और उसके खिलाफ अभियोग चलाने की कार्यवाही की जा रही है।
गहलोत का मेवाड़-वागड़ दो दिवसीय दौरा कल से
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 10 व 11 फर. को मेवाड़-वागड़ के दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंच रहे है। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी भी होंगे । हालांकि गहलोत का अभी मिनिट टू मिनिट कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।विभिन्न सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री गहलोत 10 फर. को टोंक हेलीकॉप्टर द्वारा हमरीगढ़ हवाई पट्टी पर उतर भीलवाड़ा जाएंगे जहां उनका ट्रांसपोर्ट नगर में राजेश पायलट की मूर्ति के अनावरण का कार्यक्रम है।जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा से वे नाथद्वारा पहुंचेंगे तथा अपरान्ह लगभग 4 बजे वे श्रीनाथ जी के उत्थापन की झांकी के दर्शन कर श्रीनाथ जी इंस्टीट्यूट में एमबीए भवन का लोकार्पण करेंगे तथा यही पर वे एक आमसभा को भी संबोधित करेंगे।गहलोत सायं नाथद्वारा से उदयपुर-लौटेंगे तथा रात्रि विश्राम यही करेंगे।अगले दिन 11 फर. बुधवार को वे यहां से चित्तौड़ पहुंचेंगे तथा वहां सांवलिया चिकित्सालय में नवनिर्मित ऑपरेशन थियेटर का लोकार्पण करेंगे। यहां वे कार्यकर्ताओं से भी रूबरू होंगे। चित्तौड़ से वे सीधे वागड़ में मानगढ़ धाम पहुंच वहां आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।
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