Friday, June 19, 2009

एक दिन और हॉस्पिटल में रहेंगे बाल ठाकरे

उपनगरीय बांद्रा के लीलावती हॉस्पिटल में पिछली रात भर्ती शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे को संभवत: हॉस्पिटल में एक दिन और रखा जाएगा। शिवसेना के सूत्रों ने कहा सेना प्रमुख को शुक्रवार को हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने की उम्मीद नहीं है। 80 वर्षीय शिवसेना प्रमुख पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे हैं और काफी समय से पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। 4 दशक पहले गठित शिवसेना की दिन प्रतिदिन की गतिविधियों की देखरेख उनके पुत्र उद्धव कर रहे हैं।

Thursday, June 18, 2009

ममता का माओवादियों से गठजोड़ : माकपा

माकपा ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में जनता द्वारा चुनी गई वाम मोर्चा सरकार को अस्थिर करने के लिए माओवादियों के साथ नापाक गठजोड़ किया है। माकपा नेता वृन्दा करात ने लालगढ़ हिंसा के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि तृणमूल पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में माओवादियों के साथ मिलकर आतंक फैलाकर गरीब समर्थक वाम सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल प्रमुख परदे के पीछे से इन हिंसक घटनाओं का नेतृत्व कर रही हैं। वृन्दा ने कहा कि माओवादी और तृणमूल कार्यकर्ता माकपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर रहे हैं और राज्य में कानून व्यवस्था बाधित करने की साजिश कर रहे हैं। माकपा पोलितब्यूरो सदस्य ने कहा कि अब तक नृशंस हमलों में 53 कामरेड मारे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह वाम दलों को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश है।

भाजपा में कोई संकट नहीं

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू ने पार्टी में चल रही गतिविघियों व खींचतान को सिरे से खारिज करते हुए गुरूवार को कहा कि पार्टी में कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में 20 जून को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिंह के पार्टी में सभी पदों से इस्तीफा देने पर चर्चा होगी। इसके अलावा अगस्त में आयोजित होने वाली बे्रन स्ट्रोमिंग सेशन में हालिया सम्पन्न चुनावों पर बातचीत होगी। इसमें पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम लोगों में निश्चित रूप से चुनावों में मिली हार से निराशा है, लेकिन हमने अपनी सहनशक्ति नहीं छोडी है। पार्टी आगे अपनी गलतियों को सुधारेगी। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने किसी भी सदस्य पर धोखा देना का आरोप नहीं लगाया है।

बेहतर आतिथ्य का अवसर

मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले साल जनवरी-फरवरी में राष्ट्रमण्डल खेलों को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने को लेकर दिल्ली सरकार, केन्द्र, कार्यकारी एजेंसियां और रेजीडेन्ट वेलफेयर एसोसिएशन की मदद से बडे सम्मेलन का आयोजन करने जा रही है। जिसमें सभी सम्बंधित मसलों पर विस्तारपूर्वक चर्चा के बाद उसे त्वरित अंजाम देने के लिए प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश और देशवासियों के लिए अतिथि देवो भव की संकल्पना को चरितार्थ करने का यह स्वर्णिम अवसर है जब राष्ट्रमण्डल खेल के लिए यहां आने वाले सैकडों देश के खिलाडी व विशिष्ठ जनों को सर्वोत्तम आतिथ्य उपलब्ध कराया जाएगा।सफाई सबकी जिम्मेदारीमुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर की सभी नागरिक एजेन्सियों से खेलों के पूर्व पूरी दिल्ली के कायाकल्प के लिए युद्धस्तर पर कार्य सम्पन्न करने में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने दिल्ली को साफ-सुथरा रखने में स्थानीय लोगों में साफ-सफाई की आदतें विकसित करने को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि खेलों के आयोजन के दौरान दिल्ली सरकार स्कूली छात्रों की मदद लेगी।डीटीसी-सीआईआई का करारसम्मेलन में बताया गया कि राजधानी की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली परिवहन निगम की बसों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए डीटीसी का सीआईआई से जल्द करार होगा। इसके अलावा सीआईआई दिल्ली जलबोर्ड को सीवरेज प्रणाली व दूसरी स्थानीय जिम्मेदारियों के सफलतापूर्वक निर्वहन में मदद करेगी।

राष्ट्रमण्डल खेलों को लेकर शीला बेचैन

वर्ष 2010 में होने वाले राष्ट्रमण्डल खेलों की तैयारियों को लेकर रात-रात भर नींद नहीं आती है। हर समय ध्यान उसी पर लगा रहता है। लक्ष्य बडा है और समय कम। लेकिन पूरा तो करना ही है।मुख्यमंत्री शीला दीक्षित गुरूवार को यहां दिल्ली: एक विश्वस्तरीय शहर बनने की ओर नामक विषय पर आयोजित सम्मेलन की सम्बोधित कर रही थी। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की पहल पर आायोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री का पूरा वक्तव्य राष्ट्रमण्डल खेलों की तैयारियों पर केन्द्रित रहा। उन्होंने राष्ट्रमण्डल खेलों की विभिन्न परियोजनाओं में देरी के लिए साफ तौर पर राजधानी की बहुनिकाय व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रमण्डल खेलों का आयोजन सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए गम्भीरतापूर्ण प्रयास किए जाने की जरूरत है।

''नरेगा में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं''

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों से कहा है कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम (नरेगा) को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में वह कठोर कदम उठाने में नही हिचके । उन्होंने कहा कि नरेगा में किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नही किया जायेगा ।अपने शासनकाल में आज यहां द्वितीय कलेक्टर कान्फ्रेंस में प्रारम्भिक संबोधन में गहलोत ने कहा कि यदि नरेगा के क्रियान्वयन की प्रणाली में भ्रष्टाचार घर कर गया तो गांव गरीब और मजदूरों के कल्याण के लिए आरंभ इस योजना का उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पाएगा ।उन्होने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में नरेगा के क्रियान्वयन में राजस्थान के देश भर में अग्रणी रहने का खूब प्रचार किया गया । स्वयं वह भी एक सीमा तक इसे सफल मान रहे थे। लेकिन नई सरकार के सामने नरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायते आने लगी है ।मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेगा में सभी जरूरतमंद लोगों को काम मिलने और समय पर भुगतान को सुनिश्चित किया जाना चाहिए ।उन्होने अधिकारियों से नरेगा संबंधी दिशा निर्देशों ''गाइड लाइन' में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ङ्क्षबदुओं को शामिल करने के सुझाव भी आमंत्रित किए । मुख्यमंत्री ने नरेगा योजना के क्रियान्वयन के सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा ।मुख्यमंत्री ने 'हरित राजस्थान' की कल्पना को योजनाबद्ध ढंग से साकार करने के लिए सभी जिला कलक्टरों, वन विभाग और जिला परिषदों के अधिकारियों को पूरी योग्यता, निष्ठा, तत्परता एवं कार्यकुशलता से जुटने का आव्हान किया ।उन्होंने कहा कि इस अभियान को नरेगा से जोड़ा गया है इसलिए संसाधनों की कमी नहीं आएगी । मुख्य बात यही है कि प्रदेश के हालात को बदलने के लिए सकारात्मक सोच के साथ हम सभी इस दिशा मे आगे बढ़े ।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल क्षेत्रफल का दस प्रतिशत हिस्सा राजस्थान मे हैं राज्य का ७० फीसदी हिस्सा रेगिस्तानी है और मात्र एक फीसदी जल उपलब्ध है इसलिए पानी के विकट हालात पर ङ्क्षचतन मनन के साथ जल संग्रहण संरक्षण बचत एवं सदुपयोग का प्रेरणास्पद माहौल बनाने की जरूरत है

माकपा नेताओं के चार शव बरामद

पश्चिमी मिदनापुर जिले के गोलटोर में बृहस्पतिवार को माकपा की स्थानीय समिति के चार सदस्यों के शव प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद अशांत जिले में हिंसा के दौर में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 11 हो गई है। पश्चिमी मिदनापुर के पुलिस अधीक्षक मनोज वर्मा ने कहा कि माकपा के स्थानीय समिति के चार सदस्य पिछली शाम से लापता बताए जा रहे थे। इससे पहले, धरमपुर में 11 जून को माकपा की महिला नेता सालुका सोरेन की हत्या कर दी गई थी, जबकि 13 जून को बेलापहाड़ी क्षेत्र में भुलाभेडा गांच में पार्टी नेता शंकर टुडु मारे गए थे। इसके अलावा, 14 जून को धरमपुर में तीन माकपा समर्थक मारे गए थे जबकि 15 जून को माकपा के दो अपहृत कार्यकर्ताओं के शव मिले थे।