प्रदेश भाजपा में शुरू हुई कलह बढ़ती जा रही है। प्रतिपक्ष की नेता वसुंधरा राजे और संगठन के दूसरे गुट के बीच खींचतान तेज हो गई है। सहकारिता चुनाव समन्वयकों की सूची पर विवाद के बाद वसुंधरा गुट के माने जाने वाले प्रदेश महामंत्री रामपाल जाट ने बुधवार को त्याग पत्र दे दिया। उधर राजे विरोधी गुट ने उन्हें हटाने के लिए दबाव बढ़ा दिया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी बुधवार को दिल्ली में थे और उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी हुई। यहां राजे समर्थक विधायकों ने जुटना शुरू कर दिया है और सम्भावना है कि वे एक-दो दिन में शक्ति प्रदर्शन के लिए दिल्ली जा सकते हैं।राजे समर्थक जुटेपार्टी में खींचतान के बीच बुधवार को राजे समर्थक विधायकों, राजेन्द्र राठौड़, डॉ. दिगम्बर सिंह, भवानी सिंह राजावात, हरिसिंह रावत, अजय किलक, गजेन्द्र सिंह खींवसर, राधेश्याम गंगानगर, ओम बिड़ला तथा अन्य नेताओं रामपाल जाट, पूर्व मंत्री सांवरलाल जाट, एस.एन. गुप्ता आदि ने राजे से मुलाकात की और अलग बैठक भी की। राजे समर्थकों का कहना है कि प्रतिपक्ष के नेता के बारे में कोई फैसला करने से पहले विधायकों की राय जरूरी है। इन विधायकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाने व दिल्ली जाने का फैसला किया।रामपाल जाट का त्याग पत्रइस बीच पार्टी के प्रदेश महामंत्री रामपाल जाट ने सहकारिता चुनाव के समन्वयकों की सूची को ले कर उठे विवाद के बाद महामंत्री पद से त्याग पत्र दे दिया है। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह सूची प्रदेश अध्यक्ष की सहमति से जारी हुई थी, इसके बावजूद उन्होंने बैठक में इससे इनकार कर दिया। इससे मैं आहत हूं। जब अध्यक्ष व महामंत्री के बीच विश्वास नहीं रह जाए, तो पद पर बना रहना उचित नहीं है, इसलिए मैंने त्याग पत्र दिया है। जाट का कहना है कि वे बिना पद के काम करेंगे और प्रदेश की 9188 ग्राम पंचायतों का दौरा कर पार्टी को मजबूत करेंगे।उधर इस बारे में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी का कहना है कि उनके अध्यक्ष बनते ही पुरानी कार्यकारिणी स्वत: भंग हो गई थी और नई कार्यकारिणी अभी घोषित नहीं की गई है। ऎसे में जाट ने किस पद से त्याग पत्र दिया है।
Wednesday, August 12, 2009
Tuesday, August 11, 2009
संघ का आलोचक बना आडवाणी का अतिथि
लगता है संघ और बीजेपी के बीच फिर एक और जिन्ना प्रकरण की तैयारी हो रही है। इस बार भी विवाद की शुरुआत की है लाल कृष्ण आडवाणी ने। मामला आडवाणी की किताब 'माई कंट्री माई लाइफ' के उर्दू संस्करण 'मेरा वतन, मेरी जिंदगी' के लोकार्पण का है। बीजेपी या यूं कहे आडवाणी के इस कार्यक्रम में मंच पर बैठे अतिथि को लेकर विवाद गहरा गया है। जो शख्स आडवाणी के साथ मंच पर विराजमान था, उसके निशाने पर हमेशा संघ परिवार रहा है। उसने अपने लेखों के जरिए संघ को भारत में आतंकवाद का जिम्मेदार ठहराया है। उस शख्स पर दो दिन पहले ही मुंबई के एक सोशल वर्कर द्वारा राष्ट्रद्रोह का केस भी दायर किया गया है। आडवाणी के इस कार्यक्रम में प्रख्यात लेखक अजीज बर्नी को मंच पर अतिथि के तौर पर उचित स्थान दिया गया था। आडवाणी की किताब के उर्दू संस्करण का लोकार्पण भी अजीज बर्नी द्वारा किया गया। भगवा परिवार और बीजेपी के बीच विवाद का मुद्दा अजीज बर्नी ही हैं। साथ ही भगवा ब्रिगेड इस बात से भी नाराज है कि इस कार्यक्रम में अमूमन भगवा परिवार के कार्यक्रमों की तरह वंदे मातरम की भी स्तुति नहीं की गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भगवा परिवार आडवाणी द्वारा मुस्लिमों को लुभाने के लिए वंदे मातरम को अवॉइड करने पर अपनी आंखें टेढ़ी कर रहा है।
अजीज बर्नी के खिलाफ नवी मुंबई कोर्ट में राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दायर करने वाले वी. वी. जोशी ने बताया कि बर्नी सदैव ही देश की सुरक्षा एजंसियों, गुप्तचर एजंसी और विदेश मंत्रालय के खिलाफ उल्टी-सीधी बातें लिखते रहते हैं। उनके इन्हीं लेखों को लेकर वह कोर्ट में गए है और गुहार की है कि बर्नी पर मकोका और एनएसए लगाया जाए। उनके वकील प्रशांत ने बताया कि बर्नी के खिलाफ धारा 121, 108,107, 117, 124 ए, 153ए, 153बी, 505(2)और 506 के तहत केस फाइल किया गया है। संघ के खिलाफ बर्नी की कुछ टिप्पणियां इस तरह हैं। मुंबई हमले के बाद बर्नी ने लिखा कि कसाब को नेपाल सिक्यूरिटी फोर्स ने दो साल पहले गिरफ्तार कर लिया था और बाद में भारतीय इंटेलिजंस एजंसियां उसे मुंबई हमले के बाद भारत लेकर आईं। बर्नी आगे लिखते हैं कि हेमंत करकरे को कसाब ने नहीं बल्कि भारतीय सेना ने मारा है। यहीं नहीं बर्नी ने मुंबई हमले की साजिश में संघ, नरेन्द्र मोदी का हाथ बताया । आरएसएस के खिलाफ इस तरह के दर्जनों लेख बर्नी की कलम से निकले हैं। बर्नी की इन टिप्पणियों पर ऐतराज जताते हुए ही वी. वी. जोशी ने उनके खिलाफ मामला दायर करते हुए कहा है कि बर्नी ने देश की सुरक्षा एजंसियों, सेना, दूतावास और विदेश मंत्रालय सभी के खिलाफ राष्ट्रद्रोही भाषा का प्रयोग किया है, जिसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
अजीज बर्नी के खिलाफ नवी मुंबई कोर्ट में राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दायर करने वाले वी. वी. जोशी ने बताया कि बर्नी सदैव ही देश की सुरक्षा एजंसियों, गुप्तचर एजंसी और विदेश मंत्रालय के खिलाफ उल्टी-सीधी बातें लिखते रहते हैं। उनके इन्हीं लेखों को लेकर वह कोर्ट में गए है और गुहार की है कि बर्नी पर मकोका और एनएसए लगाया जाए। उनके वकील प्रशांत ने बताया कि बर्नी के खिलाफ धारा 121, 108,107, 117, 124 ए, 153ए, 153बी, 505(2)और 506 के तहत केस फाइल किया गया है। संघ के खिलाफ बर्नी की कुछ टिप्पणियां इस तरह हैं। मुंबई हमले के बाद बर्नी ने लिखा कि कसाब को नेपाल सिक्यूरिटी फोर्स ने दो साल पहले गिरफ्तार कर लिया था और बाद में भारतीय इंटेलिजंस एजंसियां उसे मुंबई हमले के बाद भारत लेकर आईं। बर्नी आगे लिखते हैं कि हेमंत करकरे को कसाब ने नहीं बल्कि भारतीय सेना ने मारा है। यहीं नहीं बर्नी ने मुंबई हमले की साजिश में संघ, नरेन्द्र मोदी का हाथ बताया । आरएसएस के खिलाफ इस तरह के दर्जनों लेख बर्नी की कलम से निकले हैं। बर्नी की इन टिप्पणियों पर ऐतराज जताते हुए ही वी. वी. जोशी ने उनके खिलाफ मामला दायर करते हुए कहा है कि बर्नी ने देश की सुरक्षा एजंसियों, सेना, दूतावास और विदेश मंत्रालय सभी के खिलाफ राष्ट्रद्रोही भाषा का प्रयोग किया है, जिसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
हार के विश्लेषण के लिए तैयार नहीं बीजेपी
बीजेपी आलाकमान चुनावों में हार की खुले दिल से विश्लेषण की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। शिमला में होने वाली चिंतन बैठक में इस मुद्दे के बजाय पार्टी अपने भविष्य पर विचार करने की सोच रही है। आयोजकों की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि चुनावी हार के कारणों को लेकर मुखर होने वाले कुछ प्रमुख नेताओं को बैठक में शामिल होने का मौका मिलने की संभावना नहीं है। पार्टी के एक बड़े नेता का कहना था कि सवाल खड़ा करने वाले नेताओं को भी चिंतन बैठक में बोलने का मौका मिलता तो यह बैठक अधिक सार्थक होती। पार्टी आगे के चुनावों की रणनीति जरूर बनाए लेकिन पिछले चुनावों में हार के कारणों की ओर संकेत करने वाले नेताओं को भी बुलाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि चुनावों में हार और उसके बाद पाटीर् में उठे तूफान को शांत करने के लिए तीन दिन की चिंतन बैठक 19 अगस्त से शिमला में होगी। लेकिन इसमें पार्टी की हार को लेकर मुखर हुए यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी जैसे नेता मौजूद नहीं रहेंगे। सिन्हा ने हजारीबाग से कहा कि बैठक के लिए मुझे कोई न्योता नहीं मिला है। मैं उस श्रेणी में नहीं आता, जो बैठक में शामिल होने के लिए बनाई गई है। बैठक के उद्देश्य पर उन्होंने कहा कि पार्टी बहुत कठिन परिस्थिति में है क्योंकि मुस्लिम अल्पसंख्यक हों या क्रिश्चियन माइनॉरिटी, अल्पसंख्यकों का वोट बीजेपी को नहीं मिलता। 20 प्रतिशत अल्पसंख्यकों को छोड़कर 80 प्रतिशत मतदाताओं के वोटों के लिए बाकी दलों के साथ संघर्ष करना पड़ता है। बीजेपी पूरे देश में नहीं है। देश में कई ऐसे स्थान हैं, जहां बीजेपी शून्य की स्थिति में है। ऐसे में राष्ट्रीय मेनिफेस्टो के आधार पर राज्यों के अलग-अलग मुद्दों को छोड़कर चुनाव लड़ने से वोट नहीं लिए जा सकते। हर भूखंड और हर क्षेत्र के मुद्दों को लेकर चुनाव लड़े बगैर मतदाता के विश्वास तक नहीं पहुंचा जा सकता। शिमला बैठक में करीब 25 नेताओं के आने की संभावना है। इनमें बीजेपी संसदीय बोर्ड और कोर ग्रुप के सदस्य, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और संसद के दोनों सदनों के विपक्ष के नेता और उप नेता शामिल होंगे। लालकृष्ण आडवाणी का मानना है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पहले ही चुनाव का विश्लेषण हो चुका है। अब आगे की बात सोची जा रही है। इससे साफ संकेत हैं कि बैठक में लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को अजेंडे में शामिल नहीं किया जाएगा। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की निगाह अब यशवंत और शौरी जैसे मुखर होने वाले जसवंत सिंह, मुरली मनोहर जोशी और विनय कटियार जैसे नेताओं के रुख पर है। जसवंत पार्टी के लिए चुनावों के मुख्य प्रबंधक रहे अरुण जेटली को राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाने पर सवाल उठा चुके हैं। जोशी भी संकेतों में काफी कुछ कह चुके हैं। पार्टी चुनावों की हार के कारण पता लगाने के लिए राज्यों में अपने दल भेज चुकी है। पार्टी उपाध्यक्ष बाल आप्टे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति भी बनाई गई थी। बाल आप्टे उस सबका उल्लेख करेंगे। ऐसा मौका आ सकता है, जब जसवंत और जोशी उसके विश्लेषण की चर्चा पर जोर डाल सकते
सदी का सबसे भयानक सूखा : प्रणब मुखर्जी
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने देश में सूखे के मौजूदा हालातों को सदी का सबसे बड़ा सूखा करार दिया है। प्रणब मुखर्जी ने कहा कि इस साल हालात बहुत खराब हैं और लगभग 161 जिले सूखे की चपेट में हैं। केन्द्रीय मंत्री ने समय पर बारिश न होने का हवाला देते हुए कहा है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) सिर्फ 6 फीसदी ही रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि मानसून की बेरूखी के कारण खरीफ की बुआई में 20 फीसदी तक कमी आई है। उन्होंने कहा कि सूखे की गंभीरता को देखते हुए सभी उचित कदम उठाए जाएंगे।
Monday, August 10, 2009
चुनाव पूर्व मौके पर काम
अब तक कागजों में रहने वाली कुछ महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का काम नगर निगम चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले मौके पर शुरू हो जाएगा। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने जयपुर विकास प्राधिकरण व नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों की सोमवार को ली बैठक में परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द समस्त कार्यवाही पूरी कर मौके परियोजनाओं को मौके पर शुरू किया जाए।
नगर निगम चुनाव वर्ष के अंत में संभावित हैं। जल्दी काम शुरू करने के लिए धारीवाल ने घाट की गूणी सुरंग परियोजना की निकाली निविदा की अवधि घटाने के निर्देश दिए। साथ ही गुर्जर की थडी पर तिमंजिला फ्लाईओवर, बाइस गोदाम पुलिया का विस्तार, टोंक रोड स्थित ईपी मोड पर फ्लाईओवर और टोंक रोड से मानसरोवर तक प्रस्तावित बी-टू बाइपास से लेकर न्यू सांगानेर रोड तक एलिवेटेड रोड की परियोजना को जल्दी अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जवाहर सर्किल पर संगीतमय फव्वारे का जल्द ही उद्घाटन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रिंग रोड का काम शुरू करने के लिए जेडीए का एक दल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलेगा।
नियमित बैठकेंनगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल शहर से जुडी विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा का इस महीने नियमित बैठकें लेंगे। चारदीवारी क्षेत्र के संरक्षण को लेकर मंगलवार को नगर निगम व आयोजना विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी।
सामुदायिक केन्द्र बनेंगे हाईटेकजयपुर। नगर निगम अधिकार क्षेत्र के सभी सामुदायिक केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं विकसित कर उन्हें हाईटेक किया जाएगा। सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग भी ऑनलाइन की जाएगी। वार्ड-61 में नवनिर्मित सामुदायिक केंद्र के लोकार्पण समारोह के दौरान महापौर पंकज जोशी ने यह घोषणा की। जोशी ने कहा कि सामुदायिक केंद्रों की दैनिक बुकिंग ऑनलाइन करने का कार्य आगामी एक पखवाडे में पूरा कर लिया जाएगा। महापौर ने कहा कि निगम सभी सामुदायिक केंद्रोंं में आवश्यक सुविधाएं विकसित करेगा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मोहन लाल गुप्ता ने क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्योü की प्रशंसा की। कार्यक्रम में वार्ड-61 से पार्षद महेंद्र ढलेत, पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक और अन्य पार्षद उपस्थित थे।
नगर निगम चुनाव वर्ष के अंत में संभावित हैं। जल्दी काम शुरू करने के लिए धारीवाल ने घाट की गूणी सुरंग परियोजना की निकाली निविदा की अवधि घटाने के निर्देश दिए। साथ ही गुर्जर की थडी पर तिमंजिला फ्लाईओवर, बाइस गोदाम पुलिया का विस्तार, टोंक रोड स्थित ईपी मोड पर फ्लाईओवर और टोंक रोड से मानसरोवर तक प्रस्तावित बी-टू बाइपास से लेकर न्यू सांगानेर रोड तक एलिवेटेड रोड की परियोजना को जल्दी अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जवाहर सर्किल पर संगीतमय फव्वारे का जल्द ही उद्घाटन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रिंग रोड का काम शुरू करने के लिए जेडीए का एक दल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलेगा।
नियमित बैठकेंनगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल शहर से जुडी विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा का इस महीने नियमित बैठकें लेंगे। चारदीवारी क्षेत्र के संरक्षण को लेकर मंगलवार को नगर निगम व आयोजना विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी।
सामुदायिक केन्द्र बनेंगे हाईटेकजयपुर। नगर निगम अधिकार क्षेत्र के सभी सामुदायिक केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं विकसित कर उन्हें हाईटेक किया जाएगा। सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग भी ऑनलाइन की जाएगी। वार्ड-61 में नवनिर्मित सामुदायिक केंद्र के लोकार्पण समारोह के दौरान महापौर पंकज जोशी ने यह घोषणा की। जोशी ने कहा कि सामुदायिक केंद्रों की दैनिक बुकिंग ऑनलाइन करने का कार्य आगामी एक पखवाडे में पूरा कर लिया जाएगा। महापौर ने कहा कि निगम सभी सामुदायिक केंद्रोंं में आवश्यक सुविधाएं विकसित करेगा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मोहन लाल गुप्ता ने क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्योü की प्रशंसा की। कार्यक्रम में वार्ड-61 से पार्षद महेंद्र ढलेत, पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक और अन्य पार्षद उपस्थित थे।
भाजपा में उम्मीदवारों की तलाश शुरू
भारतीय जनता पार्टी अपने पंचायत राज प्रकोष्ठ के जरिए जल्दी ही पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव के लिए प्रत्याशियों की तलाश शुरू कर देगी। चुनाव हालांकि जनवरी-फरवरी में हैं, लेकिन पार्टी का प्रकोष्ठ महीनेभर में पहला पैनल बना लेगा।
भाजपा मुख्यालय में सोमवार को हुई प्रकोष्ठ की बैठक में यह निर्णय किया गया। बैठक का उद्घाटन करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि यह एक ऎसा प्रकोष्ठ है जो अनवरत काम करता है। पूर्व पंचायत राज मंत्री कालूलाल गुर्जर ने पंचायतों के पुनर्गठन के सरकार के निर्णय को महज छलावा बताया। उनका कहना था कि सरकार ने मात्र सीमाएं तय की हैं, परिसीमन को व्यापक रूप देने की उसकी मंशा नहीं है।
बैठक के बाद प्रदेशाध्यक्ष पुखराज पहाडिया ने बताया कि सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पंचायत चुनावों के लिए संगठन के पदाधिकारियों से तालमेल बिठाकर जिले के संभावित उम्मीदवारों की सूची बनाने में जुट जाएं। टिकट का अंतिम फैसला पार्टी करेगी। प्रदेश मंत्री नरेन्द्र शर्मा के अनुसार भाजपा के सदस्यता अभियान के संयोजक वासुदेव देवनानी ने सदस्यता अभियान व लक्ष्य के बारे में जानकारी दी।
कांग्रेस व महंगाई में गहरा नाताबैठक में अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस व महंगाई के बीच गहरा नाता है। कांग्रेस जब भी सत्ता में आई, तब महंगाई के साथ अकाल भी साथ लेकर आई। उन्होंने कहा कि महंगाई के विरोध में 17 अगस्त को होने वाले आंदोलन में बढ-चढकर हिस्स लें और इसे आमजन का आंदोलन बनाएं।
भाजपा मुख्यालय में सोमवार को हुई प्रकोष्ठ की बैठक में यह निर्णय किया गया। बैठक का उद्घाटन करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि यह एक ऎसा प्रकोष्ठ है जो अनवरत काम करता है। पूर्व पंचायत राज मंत्री कालूलाल गुर्जर ने पंचायतों के पुनर्गठन के सरकार के निर्णय को महज छलावा बताया। उनका कहना था कि सरकार ने मात्र सीमाएं तय की हैं, परिसीमन को व्यापक रूप देने की उसकी मंशा नहीं है।
बैठक के बाद प्रदेशाध्यक्ष पुखराज पहाडिया ने बताया कि सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पंचायत चुनावों के लिए संगठन के पदाधिकारियों से तालमेल बिठाकर जिले के संभावित उम्मीदवारों की सूची बनाने में जुट जाएं। टिकट का अंतिम फैसला पार्टी करेगी। प्रदेश मंत्री नरेन्द्र शर्मा के अनुसार भाजपा के सदस्यता अभियान के संयोजक वासुदेव देवनानी ने सदस्यता अभियान व लक्ष्य के बारे में जानकारी दी।
कांग्रेस व महंगाई में गहरा नाताबैठक में अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस व महंगाई के बीच गहरा नाता है। कांग्रेस जब भी सत्ता में आई, तब महंगाई के साथ अकाल भी साथ लेकर आई। उन्होंने कहा कि महंगाई के विरोध में 17 अगस्त को होने वाले आंदोलन में बढ-चढकर हिस्स लें और इसे आमजन का आंदोलन बनाएं।
राज्यों पर भी होगी चर्चा
भाजपा की चिंतन बैठक का एजेंडा द्रोपदी की साड़ी की तरह बढ़ता जा रहा है। पहले तय था कि वरिष्ठ नेता मिल-बैठकर लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा करेंगे फिर, स्वयं लालकृष्ण आडवाणी ने भविष्य की रणनीति का खाका तैयार करने की बात जोड़ दी। सोमवार को पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने बताया कि शिमला की तीन दिवसीय बैठक के दौरान कुल बारह सत्र होंगे जिनमें विभिन्न राज्यों की रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी।नियमित संवाददाता सम्मेलन के बीच रूडी से चिंतन बैठक के बारे में सवाल पूछा गया जिस पर उन्होंने आडवाणी की बात दोहराते हुए कहा कि हार की समीक्षा के साथ पार्टी को मजबूत बनाने का रास्ता भी तलाशा जाएगा। इस पर चर्चा होगी कि पिछले चुनावों से सबक लेकर कैसे आगे बढ़ा जाए। विभिन्न राज्य इकाइयों से प्रतिवेदन मांगे गए थे जो मिल चुके हैं। प्रतिदिन चार सत्र के हिसाब से फिलहाल बारह सत्रों में बैठक का कार्यक्रम है।इसी बीच राज्यों से भेजी गई रिपोर्ट पर भी विचार होगा। करारी हार के लिए चुनाव प्रबंधन में खामियां गिनाने वाले अरूण शौरी, जसवंत सिंह व यशवंत सिन्हा के शामिल होने पर जारी विवाद संबंधी सवाल को टालते हुए रूडी ने कहा कि सूची तैयार है किन्तु इसकी जानकारी देने के लिए वे अधिकृत नहीं हैं।इस बीच सूत्रों ने बताया कि चिंतन बैठक में भाग लेने के लिए जो कसौटी तैयार की गई है उस पर ये खरे नहीं उतरते। दरअसल, ज्यादा भीड़ न जुटाने का मन बना चुके केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया है कि कोर ग्रुप, संसदीय बोर्ड के सदस्य, संसद के दोनों सदनों के नेता व उपनेता प्रतिपक्ष, पार्टी महासचिव, संगठन महामंत्री और सचिव के अलावा मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ही चिंतन बैठक का हिस्सा होंगे। मंथन के लिए राज्यों की रिपोर्ट कौन पेश करेगा, क्या राज्यों का प्रतिनिधित्व भी होगा? इस पर सूत्रों ने बताया कि अभी तक ऎसी कोई योजना नहीं है। यह जिम्मेदारी संगठन से जुड़े लोग भी निभा सकते हैं।
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