Sunday, November 29, 2009

अमर सिंह ने साधा मुलायम पर निशाना

समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर उपचुनाव में पार्टी की पराजय के लिए पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के अतिविश्वास को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस सीट पर मुलायम सिंह ने मायावती की तर्ज पर प्रचार किया।अमर सिंह ने न्यूज 24 को साक्षात्कार में कहा कि मुलायम सिंह और उनके परिवार के अतिविश्वास के कारण सपा प्रमुख की पुत्रवधु डिंपल यादव को कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा।चैनल की विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन लोगों ने यह सोचकर भारी भूल की कि यह सीट उसी प्रकार उनका गढ़ है जैसे रायबरेली या अमेठी इंदिराजी, सोनिया गाँधी या राहुल गाँधी का गढ़ हुआ करता है।उन्होंने कहा कि लेकिन इन कांग्रेस नेताओं की ओर इन क्षेत्रों में बिताए गए समय को ध्यान में दें। मुलायम सिंह ने चुनाव अभियान के दौरान मायावती की तरह सांकेतिक रूप से व्यवहार किया और पूरी तरह से अभियान में हिस्सा नहीं लिया। यह हमारी निश्चिंतता का परिचायक था।जब उनसे पूछा गया कि क्या अखिलेश यादव ने फिरोजाबाद उपचुनाव में पराजय की पूरी जिम्मेदारी स्वयं ली और किसी अन्य को वह इसमें शामिल नहीं करना चाहते थे तब अमर सिंह ने कहा कि कई बार लोगों को लगता है कि यह मेरा क्षेत्र है और मुझे किसी की जरूरत नहीं है। बाहरी लोग केवल औपचारिकता पूरा करने के लिए हैं।हालाँकि मैं बचने का प्रयास नहीं कर रहा हूँ कि वहाँ हमारे कुछ स्थानीय नेताओं के प्रति जनता में रोष था। यह पूछे जाने पर कि क्या फिरोजाबाद सीट पर पराजय अखिलेश यादव के अतिआत्मविश्वास का प्रतीक था, सपा महासचिव ने कहा कि केवल अखिलेश ही नहीं बल्कि मुलायम सिंह और उनके पूरे परिवार के अलावा मेरी बीमारी के कारण भी हम हारे।

४ सत्रों में होगी मंत्रिमंडल बैठक

राज्य में नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस को मिली शानदार सफलता के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कल ३० नवबंर से मंत्रिमंडल की दो दिवसीय विशेष बैठक बुलाई है।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सोमवार को सुबह दस बजे से पहला सत्र होगा। कल तीन सत्र होंगे जिसमें मंत्रिमंडल के सदस्य शामिल होंगे। बैठक में संबंधित विभाग के प्रमुख शासन सचिव अथवा सचिव को बुलाकर कांग्रेस के घोषणा पत्र में किये गये वादे कहां तक सफल हुए, कितना काम पूरा हुआ तथा बकाया रहने के कारणों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही सुशासन को लेकर उठाये गये कदम के बारे में विस्तृत चर्चा की जाएगी।सूत्रों के अनुसार एक दिसम्बर को बैठक का चौथा और अंतिम सत्र होगा। इसके बाद गहलोत मीडिया के समक्ष मुखातिब होकर अपनी सरकार के करीब एक साल के कार्यकाल में जनहित में उठाये गये कदमों और किये गये विकास कार्यों के बारे में पत्रकारों को बतायेंगे।सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल के अधिकांश सदस्य आज अवकाश के बावजूद अपने विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की तैयारियों में जुटे रहे।

कोड़ा को कांग्रेस ने भ्रष्ट बनाया: अरुण जेटली

बीजेपी के महासचिव अरुण जेटली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने ही झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को भ्रष्ट बनाया है, लिहाजा कोड़ा के खिलाफ जांच की दिशा भटक सकती है। जेटली ने बताया, 'कांग्रेस ने कोड़ा को भ्रष्ट बनाया। कोड़ा जब बीजेपी में थे तो वह नियंत्रण में थे। कोड़ा के खिलाफ जांच मंद पड़ गई है और वह दिशा से भटक सकती है।' जेटली ने कहा, 'किसी भी जांच में, चाहे वह स्थानीय पुलिस कर रही हो या सीबीआई, कोड़ा
मामले में इस तरह की किसी भी एजंसी को रुचि नहीं है। कांग्रेस सूचना का अधिकार (आरटीआई) की बात करती है, लेकिन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार कोड़ा की डायरी सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही?' जेटली ने कहा, 'कांग्रेस ने झारखंड में राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी (वर्तमान में असम के राज्यपाल) की नियुक्ति की और मधु कोड़ा को मुख्यमंत्री बना दिया। दोनों व्यक्ति भ्रष्टाचार के केंद्र में हैं।' जेटली ने कहा, 'व्यवस्था में निर्दलीयों की कोई भागीदारी नहीं है और बीजेपी इस तरह के लोगों का कभी समर्थन नहीं लेगी।' जेटली ने कहा, 'हम मतदाताओं से अपील करते हैं कि वे एक ऐसी स्थिर, विश्वसनीय सरकार के लिए मतदान करें, जो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बरकरार रख सके।'

Friday, November 27, 2009

नक्सलियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को धुना, दहशत

बरवाडीह प्रखंड के छिपादोहर में शुक्रवार की रात नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के हथियारबंद नक्सलियों ने वोट बहिष्कार के नारे को अमलीजामा पहनाते हुए दर्जन भर से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की जमकर धुनाई कर दी।
नक्सलियों के हाथों मार खानेवाले कार्यकर्ताओं में सुरेश प्रसाद, नीलेश कुमार व राजेश प्रसाद की हालत गंभीर बनी हुई है। इनका इलाज सदर अस्पताल डालटनगंज में किया जा रहा है। शेष कार्यकर्ताओं को मामूली चोट आई है। अन्य घायलों में अरुण प्रसाद, विजय प्रसाद, चंद्रिका प्रसाद, कैलाश साव, बूटन प्रसाद, डा. अनिल प्रसाद व वेद प्रकाश गुप्ता समेत कई अन्य लोग शामिल थे।
जानकारी के अनुसार माओवादी भाजपा के पंचायत अध्यक्ष रावल साव व राजेश प्रसाद को भी खोज रहे थे। घटना के संबंध में बताया जाता है कि लगभग एक सौ हथियारबंद नक्सली छिपादोहर में पहुंचे व वैसे ग्रामीणों को पकड़ा, जिनके घरों में भाजपा के पोस्टर व बैनर लगे थे।
इस घटना की निंदा करते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि जयव‌र्द्धन सिंह ने कहा कि विपक्ष के लोग माओवादियों से मिलकर इस प्रकार की घटना को अंजाम दिलवाया है। इस घटना के बाद से छिपादोहर समेत आसपास के इलाकों में रहने वाले राजनीतिक दल के लोगों में दहशत व्याप्त है।

लोकायुक्त ने भेजा मुख्यमंत्री को नोटिस

भले ही विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली सरकार ने गरीब तबके के लोगों के लिए 'राजीव रत्न आवास योजना' के तहत 60 हजार फ्लैट तैयार होने व कुछ दिनों में उनके आवंटित होने का प्रचार प्रसार किया था। लेकिन चुनावों के बाद सरकार का वादा हवाई साबित होने पर दिल्ली की लोकायुक्त अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया है। लोकायुक्त अदालत में अब तक हुई सुनवाई के दौरान जो तथ्य सामने आएं हैं, उसे आधार मानते हुए शुक्रवार को जस्टिस मनमोहन सरीन ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित तथा दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग के सचिव को नोटिस किया है। साथ ही विस्तृत ब्योरा मांगा है कि योजना के तहत दिल्ली के जिन अलग-अलग इलाकों में कुल 60 हजार फ्लैट तैयार होने के बारे में जनता के बीच प्रचारित किया था इसके बारे में विस्तृत रिपोर्ट सौंपे।
लोकायुक्त ने सुनीता भारद्वाज नामक एक याचिकाकर्ता की शिकायत पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को जब मामले की सुनवाई लोकायुक्त के समक्ष चली तो मुख्यमंत्री की तरफ से पेश अधिवक्ता ने इस बात पर एतराज किया कि सुनवाई के दौरान मीडिया क्यों उपस्थित है। मगर जस्टिस मनमोहन सरीन ने साफ किया है मीडिया पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता और इससे केस का कोई लेनादेना नहीं है। लोकायुक्त द्वारा जारी नोटिस का जबाव 16 दिसंबर तक देने को कहा है। उसी दिन मामले की अगली सुनवाई।
पेश मामले में याचिकाकर्ता सुनीता भारद्वाज जो पेशे से वकील हैं। लोकायुक्त से याची ने एक आरटीआई को आधार मानते हुए मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ शिकायत की थी। अधिवक्ता भारद्वाज ने दिल्ली सरकार से सितंबर माह में आरटीआई के तहत राजीव रत्न आवास योजना के नाम पर दिल्ली के किन हिस्सों में कितनी जमीन फ्लैट बनाने के लिए हासिल किया है? इसकी जानकारी मांगी। वहीं उन्होंने पूछा कि इस योजना के तहत पांच सितंबर तक कुल कितने फ्लैट लोगों को आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही योजना के प्रचार प्रसार में कितना खर्च हुआ? साथ ही याचिकाकर्ता ने इस योजना के तहत सन 2000 से लेकर अबतक क्या कार्रवाई की इसकी भी जानकारी मांगी थी।
इसके जबाव में दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम व अन्य विभागों ने जो जबाव दिए वह चौंकाने वाले थे। डीएसआईआईडीसी के अधिकारियों ने बताया कि राजीव रत्न आवास योजना के तहत दिल्ली भर में सिर्फ 9436 फ्लैट बनकर तैयार हुए हैं। इसमें भी सिर्फ बाहरी दिल्ली स्थित पूठ खूर्द गांव में एक प्लाट इस योजना के तहत फ्लैट निर्माण के लिए दिए गए थे। बाकी अन्य फ्लैट अन्य योजना के लिए स्वीकृत जमीन पर बने हैं। जबकि योजना जिसके तहत 5 अगस्त से 5 सितंबर 2008 के बीच निम्न आयवर्ग के लोगों से आवेदन मांगे गए थे। सौ रूपये के आवेदन पत्र के साथ कुल 2,77,518 आवेदकों ने फ्लैट की चाह में फार्म भरा था। इसके अलावा एमसीडी के स्लम विभाग और शहरी विकास विभाग ने भी आरटीआई के तहत जो जबाव दिया था उसे याचिकाकर्ता संतुष्ट नहीं हुई और इसकी शिकायत लोकायुक्त से करना बेहतर समझा।

''अटल भी शामिल थे मंदिर आंदोलन में''

विश्व हिन्दू परिषद ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी राम जन्मभूमि आंदोलन में शामिल थे जिसकी परिणति छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के रूप में सामने आई।लिब्रहान आयोग रपट में वाजपेयी सहित 68 व्यक्तियों का नाम लिए जाने के बारे में पूछे जाने पर विहिप प्रमुख अशोक सिंघल ने संवाददाताओं से कहा कि वाजपेयी मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे थे और उन्हें एक बार लखनऊ में गिरफ्तार भी किया गया था। मैं नहीं कहूंगा कि वह इसमें शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि विवादास्पद ढांचा गिराए जाने को काला अध्याय कहने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को प्रतिकूल टिप्पणी करने से मना किया जाएगा।बाबरी मस्जिद विध्वंस को काला अध्याय बताने की आडवाणी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर सिंघल ने कहा कि छह दिसंबर ऐतिहासिक शौर्य दिवस है और मैं चाहूंगा कि आडवाणी ऐसा नहीं बोले। मैंने उन्हें मना किया और इस पर फिर बातचीत करूंगा। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव मंदिर आंदोलन से सहानुभूति रखते थे और मेरी धीरूभाई अंबानी के सौजन्य से राव से तीन बार मुलाकात हुई थी। हालांकि उनकी (राव) ओर से मस्जिद तोड़े जाने की बात कहना बड़ा झूठ है।

नक्सलियों ने सीपीएम नेता की हत्या की

पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के झारग्राम इलाके में शुक्रवार रात संदिग्ध नक्सलियों ने सीपीएम के एक स्थानीय नेता करुणा महतो की गोली मारकर हत्या कर दी। वह सीपीएम ग्राम पंचायत के सदस्य थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि महतो का शव शनिवार सुबह कालबोनी वन्य क्षेत्र के समीप नैशनल हाइवे नंबर 9 से बरामद किया गया। शव के पास नक्सलियों के कुछ पर्चे भी बरामद किए गए, जिसमें लिखा था कि महतो पुलिस मुखबिर थे।