Sunday, January 31, 2010

महाराष्ट्र में जन्मे लोगों को ही दो नौकरी: राज ठाकरे

खुद को मराठियों का सबसे बड़ा हितैषी साबित करने में जुटे राज ठाकरे ने एक और शगूफा छोड़ा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(एमएनएस) के प्रमुख राज ने कहा कि महाराष्ट्र में नौकरी केवल उन्हीं लोगों को दो जो इस राज्य में जन्मे हैं। अपनी पार्टी की एक बैठक में राज ठाकरे ने कहा, 'मराठी भाषा बोलना, लिखना और पढ़ना आने से ही केवल काम नहीं चलेगा। मुंबई में उसे ही नौकरी दी जानी चाहिए जो इस राज्य में जन्मे हैं।' इसके साथ ही राज ने पार्टी के उन सदस्यों की आलोचना की, जिन्होंने पिछले सप्ताह उत्तर भारतीय टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सिखाने के लिए किताबें बांटी थीं। उन्होंने कहा, 'आप खुद ही सोचिये आप किस प्रकार का विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आप से किसने कहा था मराठी की शिक्षा देने को।' गौरतलब है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की परिवहन इकाई ने पिछले सप्ताह मराठी भाषा सिखाने के लिए टैक्सी ड्राइवरों के बीच किताबें बांटते हुए उन्हें 40 दिन का समय दिया था और कहा था इस दौरान इस भाषा को सीखने में असफल रहने वालों का यहां से टिकट कटवा दिया जाएगा। राज ने कहा कि वह आगामी 13 फरवरी से राज्यभर का दौरा करेंगे। इस दौरे के बाद पार्टी के सदस्य बनाने का अभियान शुरू किया जाएगा।

शिवसेना, एमएनएस पर राहुल का हमला

बिहार में समय पूर्व चुनाव की संभावनाओं के बीच कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने जात-पात की और धर्म की राजनीति पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि युवा और महिलाएं देश का भविष्य हैं और यही बिहार में कांग्रेस को वापस लाएंगे। बिहार का दो दिन का दौरा शुरू करते हुए राहुल ने उत्तर प्रदेश की तरह यहां भी कांग्रेस की वापसी के लिए जोरदार अभियान शुरू कर दिया है। बिहार में सत्तारूढ़ जेडीयू में विभाजन के आसार के बीच राहुल का दौरा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए बड़ी चुनौती बन गया। दरभंगा में राहुल के कार्यक्रम में कुछ लोगों ने बाधा पहुंचाने की कोशिश की। ये लोग राहुल से महाराष्ट्र में बिहारियों के खिलाफ शिवसेना और एमएनएस की नफरत भरी मुहिम पर सवाल कर रहे थे। राहुल ने इसका जवाब देते हुए कहा कि जो लोग नफरत फैलाते हैं, वह नहीं जानते कि देश की एकता लोगों की एकता से जुड़ी हुई है।
राहुल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ठाकरे के लोग मुंबई से बिहारियों को भगा रहे हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि मुंबई में जब आतंकवादी हमला हुआ तो एनएसजी में शामिल बिहार, यूपी और पूरे देश के जवानों ने ही उन आतंकवादियों से लोहा लिया था। कांग्रेस का आरोप है कि राहुल के कार्यक्रम में गड़बड़ी फैलाने की कोशिश विपक्ष के लोगों ने की। राहुल ने यहां बोधगया में दलित युवाओं का सम्मेलन करके संकेत दिए कि वे कांग्रेस के पुराने जनाधार दलित, मुस्लिम और सवर्ण को वापस पार्टी की तरफ खींचने की कोशिश कर रहे हैं। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि मुख्यमंत्री नीतिश कुमार 4-5 महीने पहले, अप्रैल-मई में चुनाव करवा सकते हैं। राहुल ने कांग्रेसियों को चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने खास तौर से यूथ कांग्रेस के लोगों से कहा कि उन्हें बिहार में कांग्रेस को वापस लाने के लिए जनता के मुद्दों पर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कांग्रेसियों को खुद को बदलने की और जनता से जोड़ने की बात कहते हुए कहा कि पार्टी भी खुद को बदल रही है। पहले जमीन पर काम करने वाले को टिकट नहीं मिल पाता था। उम्मीदवार पैराशूट से उतर जाते थे। जिसके रिश्तेदार होते थे वह पार्टी संगठन में पद और चुनाव में उम्मीदवारी पाने में कामयाब हो जाता था। उन्होंने कहा कि हमने यूथ कांग्रेस के संगठन के दरवाजे सामान्य युवा के लिए खोले और अब राजनीति से चुनाव लड़ने में भी उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। राहुल ने साफ कहा कि जो काम करेगा, वह आगे जाएगा। यूथ कांग्रेस के इंचार्ज महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि संगठन में मनोनयन पूरी तरह बंद किया जाएगा। संगठन के चुनाव पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से करवाए जा रहे हैं। राहुल ने दलित युवाओं से पूछा कि वे 40 साल से कम के 5 दलित नेताओं के नाम बताएं। कोई जवाब न मिलने पर राहुल ने कहा कि किसी भी पार्टी से कमजोर वर्ग के दलितों के युवाओं को आगे बढ़ने के मौके नहीं मिल रहे हैं। हम जात-पात और धर्म की राजनीति के खिलाफ हैं। लेकिन, समाज के जिस वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, उसे देने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल ने युवाओं से बिहार में कांग्रेस के कमजोर होने के कारण पूछे और कहा कि कमियों को दूर करके अब आगे बढ़ने का समय आ गया है।

दलबदलुओं के मामले में स्पीकर से मांगा जवाब

राजस्थान उच्च न्यायालय ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के दलबदलू विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने के मामले में विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत से जवाब तलब किया है। न्यायाधीश एनके जैन एवं न्यायाधीश आर. एस. राठौड की खण्डपीठ ने श्रीकृष्ण की याचिका पर सोमवार को यह आदेश दिया।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने शेखावत, सचिव एचआर कुडी, तीन मंत्रियों एवं तीन संसदीय सचिवों को रजिर्स्टड डाक से कारण बताओं नोटिस भेजने का आदेश दिया। इस आदेश से एक बार फिर विधायिका एवं न्यायपालिका में टकराव के हालात पैदा हो गए
याचिका में बसपा टिकट पर जीतकर आए छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी गई थी। इन विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने से कांग्रेस के विधानसभा में 102 सदस्य हो गए। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इन दल बदलुओं में से तीन को मंत्री और तीन को संसदीय सचिव बनाया गया। याचिका में उच्च न्यायालय की एकलपीठ के गत 18 दिसंबर के आदेश को चुनौती दी गई है।

पूर्व विधायक पर मामला दर्ज

बीकानेर। हनुमानगढ-जयपुर ट्रेन में गोली चलाकर रेलकर्मी की हत्या के प्रयास के आरोप में श्रीगंगानगर के पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। राजकीय रेलवे पुलिस गिरफ्तारी के लिए राठौड की तलाश में जुटी हुई है। गौरतलब है कि रविवार रात लूणकरनसर व महाजन रेलवे स्टेशन के बीच हुई इस घटना में गोली लगने से घायल एसी कोच के अटेंडेंट जयपुर निवासी अशोक कुमार बैरवा का यहां पीबीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बैरवा ने सोमवार को रेलवे पुलिस को पर्चा बयान में बताया कि पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड की ट्रेन में सेना के एक जवान से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस दौरान वह बीच-बचाव के लिए उनके पास गया। तभी राठौड ने रिवॉल्वर निकाल कर गोली चला दी, जो उसके होठ को छूकर गाल को चीरते हुए निकल गई। गोली के छर्रे उसकी आंखों पर भी लगे। नेत्र अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। उसके जबडे का ऑपरेशन भी किया गया है।
पुलिस के मुताबिक पूर्व विधायक राठौड के साथ महिला व एक अन्य व्यक्ति भी था। रेलवे पुलिस ने राठौड व उसके साथी के खिलाफ हत्या के प्रयास व आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
रेलकर्मी का ऑपरेशनबीकानेर। हनुमानगढ-जयपुर एक्सप्रेस में रविवार रात गोली लगने से घायल एसी अटैण्डेंट अशोक कुमार बैरवा की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पीबीएम अस्पताल में सोमवार शाम लगभग दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसके चेहरे से बुलेट की कैप को निकाल दिया गया। ऑपरेशन के दौरान छर्रे भी निकले हैं।

40 वर्ष बाद बना दूसरे गांव का सरपंच

रेलमगरा। ग्राम पंचायत के चुनावों में पिछले चालीस सालों से सादडी गांव सरपंच के रूप में गांव का स्थानीय निवासी ही चुनता आया है। इस ग्राम पंचायत में कारोलिया, मेणिया, भराई व बनजारों का खेडा गांव शामिल है।
पहली बार ऎसा मौका आया है कि सरपंच सादडी गांव का नहीं होकर मेणिया के भगवान लाल गमेती निर्वाचित हुआ है। कारोलिया के वार्ड संख्या10 से वार्डपंच गोपाललाल आमेटा को उपसरपंच चुना गया। ऎसे में लोगों में भारी खुशी का माहौल है। गिलूण्ड। गवारडी ग्राम पंचायत में सरपंच पद पर निर्वाचित हुए उदयराम भील का सोमवार को हर्षोल्लास से जुलूस निकाला गया। जुलूस में पृथ्वीराज वकील, अम्बालाल मेनारिया, भरत मेनारिया, पूर्व सरपंच शंकरलाल जाट आदि ने पटाखे छोडकर खुशी का इजहार किया।

भाजपा कैडरों का तीन साला ट्रेनिंग कार्यक्रम

इस बार के आम चुनाव में खराब प्रदर्शन का सामना करने वाली भाजपा ने अगले लोकसभा चुनावों से पहले अपने कार्यकर्ताओं को तीन साल की टे्रनिंग देने की योजना बनाई है।भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के राजनीतिक सलाहकार विनय सहस्त्रबुद्धे ने बताया, इस मुद्दे पर नीतिगत फैसला ठोस विवेचना के बाद लिया जाएगा। अभी कुछ भी निश्चित नहीं है, लेकिन भाजपा ही ऐसी पार्टी है जहां प्रशिक्षण विभाग है और कैडर से लेकर मंत्रियों तक को प्रशिक्षण दिया जाता है। महाराष्ट्र में प्रायोगिक आधार पर चले तीन साल के प्रशिक्षण कार्यक्रम को भाजपा अब पूरे देश में लागू करने की योजना बना रही है।सहस्त्रबुद्धे ने बताया, महाराष्ट्र में पार्टी के 17 चयनित नेताओं का २००७ से २००९ तक प्रायोगिक तौर पर रामभाऊ म्हाल्गी प्रोबोधिनी में प्रशिक्षित किया गया। अगर सब तैयार हों तो इस कार्यक्रम को संस्थागत बनाया जा सकता है। संघ के प्रभाव से अध्यक्ष बने गडकरी के नेतृत्व में भाजपा की योजना अपने नेताओं को प्रशिक्षण देने की है। विचारधारा और नीतिगत मुद्दों पर प्रशिक्षण का यह चलन संघ परिवार में आम है। उन्होंने कहा, ट्रेनिंग का लक्ष्य विचारधारा की स्पष्टता और नीतिगत मुद्दों पर जानकारी देना होगा। इसमें दूसरे दलों की नीतियों के बारे में बताया जाएगा, साथ ही कार्यकर्ताओं की जनसंबोधन और प्रचार क्षमताओं को बढ़ाने के साथ उनकी अन्य निपुणता को निखारा जाएगा।विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर और प्रबंधन विशेषज्ञ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देंगे। संघ के भी कुछ नेता इसमें प्रशिक्षक के तौर पर शरीक होंगे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राजनीतिक समझ की बेहतर जानकारी के लिए इस ट्रेनिंग कार्यक्रम के लिए भाजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने भी 'हां' कह दी है। भाजपा ने पिछले छह साल में दो प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जिसमें भाजपा शासित राज्यों के सभी मंत्रियों को प्रशिक्षण दिया गया था। संघ और पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा नई पीढ़ी के नेताओं में विचारधारा के स्तर पर प्रतिबद्धता में कमी पाए जाने के बाद इस प्रशिक्षण की आवश्यकता महसूस की गई।गडकरी से पूर्व अध्यक्ष रहे राजनाथ सिंह ने भी हाल में वैचारिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने पर काम किए जाने की जरूरत बताई थी। इसमें हिंदुत्ववादी विचारधारा को मजबूत किया जाना शामिल है। पिछले साल मई में लोकसभा चुनावों में लगातार दूसरी हार का सामना करने के बाद भाजपा आगे के सफर के लिए रास्ता तलाश रही है और २०१४ के चुनाव के लिए जमीन मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

फाल्दू होंगे गुजरात भाजपा अध्यक्ष

जामनगर में कालावाड से तीन बार के विधायक आर सी फाल्दू का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है क्योंकि इस पद के लिए नामांकन भरने वाले वह एक मात्र व्यक्ति हैं। फाल्दू राज्य विधानसभा में सत्ताधारी भाजपा के मुख्य सचेतक हैं। उन्होंने आज गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा महासचिव गोपीनाथ मुंडे की उपस्थिति में राज्य भाजपा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। राज्य भाजपा के सूत्रों ने बताया कि कल राज्य कार्यकारी समिति की बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा की जाएगी।