दिल्ली सरकार के कैबिनेट ने अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी तो दिल्ली के वि धायकों का हर महीने का वेतन और भत्ता तीन गुना बढ़कर एक लाख रुपये से भी ज्यादा हो जाएगा। इतना ही नहीं पर्सनल स्टाफ भी मिलेगा और जब वे देश भ्रमण पर जाएंगे तो परिवार के साथ अपना असिस्टेंट भी ले जा सकेंगे। विधायकों को मेट्रो ट्रेन के लिए भी पास की सुविधा दी जा रही है। इस बढ़ोतरी के बाद विधायकों का वेतन सांसदों से भी ज्यादा हो जाएगा। दिल्ली सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (लॉ, जस्टिस व विधायकी मामले) एम. एल. मेहता ने इस बाबत एक लंबा चौड़ा सीक्रेट नोट तैयार किया है, जिसमें विधायकों के वेतन-भत्ते के अलावा और सहूलियतों को इफरात में बढ़ाया गया है। चूंकि यह सरकारी नोट है, इसलिए उम्मीद की जा रही है दिल्ली सरकार की आगामी कैबिनेट की किसी भी बैठक में इसे मंजूरी मिल ही जाएगी। प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने एक सरकारी कमिटी का हवाला देते हुए कहा है कि दिल्ली के विधायक अलग-अलग बैठकों और अपने क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें कोई काम-धंधा करने का समय नहीं मिलता, ऐसे में गुजर बसर करने के लिए उनके वेतन, विभिन्न भत्तों व सुविधाओं में बढ़ोतरी कर दी जाए। नोट में कहा गया है कि उनका वेतन प्रतिमाह 6000 से बढ़ाकर 10,000 और विधानसभा सत्र के दौरान दैनिक भत्ता 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया जाए। इ तना ही नहीं विधानसभा क्षेत्र का भत्ता भी प्रतिमाह 8,000 से बढ़ाकर 25,000 और वाहन भत्ता 4000 प्रतिमाह से बढ़ाकर 300 लीटर पेट्रोल प्रतिमाह कर दिया जाए। विधायकों को अभी तक यात्रा सुविधा के नाम पर साल में एक बार देश भ्रमण के लिए अपने परिवार समेत 35 हजार रुपये का खर्च दिया जाता है। अब इसमें जबर्दस्त बढ़ोतरी की जा रही है। अब भविष्य में विधायकों को एक साल में देश भ्रमण के लिए हवाई, रेल या सड़क मार्ग का तो पूरा भत्ता मिलेगा ही साथ ही इस यात्रा में वे अपने परिवार के साथ एक पर्सनल असिस्टेंट भी ले जा सकेंगे। साथ ही उन्हें दिल्ली मेट्रो में सफर करने के लिए हर माह एक हजार रुपये भी दिए जाएंगे। बिजली और पानी के इस्तेमाल में भी अब उन्हें खासी सुविधा रहेगी क्योंकि इस मद में प्रतिमाह खर्च 2000 रुपये से बढ़ाकर 1000 यूनिट बिजली किया जा रहा है, साथ ही 5000 लीटर पानी हर माह मुफ्त मिलेगा । सरकारी नोट में मुख्यमंत्री व मंत्रियों के वेतन भत्ते आदि में भी अलग से बढ़ोतरी की जा रही है। सांसदों का प्रतिमाह मानेदय करीब 42 हजार है जबकि अभी तक विधायकों को वेतन व भत्ते के रूप में करीब 32 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री व मंत्रियों के लिए यह रकम करीब 45 हजार रुपये है। इस बढ़ोतरी से अब विधायकों का वेतन सांसदों से भी ज्यादा हो जाएगा।
Monday, April 5, 2010
कोटे के भीतर कोटा कतई मंजूर नहीं: बीजेपी
बीजेपी ने महिला आरक्षण विधेयक में के भीतर कोटा को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि वह
ऐसे किसी प्रस्ताव को समर्थन देने के लिए तैयार है जिसमें महिलाओं को 33 प्रतिशत टिकट देने का दायित्व राजनीति दलों पर डाला जाए। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंधी विधेयक पर आम सहमति बनाने के लिए सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक के बाद विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, 'बीजेपी विधेयक पर आम राय बनाने के पक्ष में है लेकिन इसके लिए वह कोटा के भीतर कोटा के पूर्णत: खिलाफ है।' उन्होंने कहा, हालांकि पार्टी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एम. एस. गिल के उस प्रस्ताव का समर्थन करने के तैयार है जिसमें यह राजनीति दलों पर निर्भर होगा कि वे कम से कम 33 प्रतिशत टिकट महिलाओं का दें। भाजपा प्रवक्ता राम नाथ कोविंद ने कहा कि पार्टी महिला आरक्षण विधेयक को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार के आम सहमति बनाने के प्रयासों का समर्थन करती है लेकिन हम सदन में मार्शल के इस्तेमाल के खिलाफ हैं। कुछ दलों की ओर से विधेयक में कोटे के अंदर कोटा दिए जाने की मांग पर पार्टी के रुख के बारे में पूछे जाने पर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा अभी तक सरकार की ओर से विधेयक में अल्पसंख्यकों और दलितों के लिए कोटा निर्धारित किए जाने के बारे में कोई प्रस्ताव नहीं आया है। इस विषय पर सामने आने पर विचार किया जाए।
ऐसे किसी प्रस्ताव को समर्थन देने के लिए तैयार है जिसमें महिलाओं को 33 प्रतिशत टिकट देने का दायित्व राजनीति दलों पर डाला जाए। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंधी विधेयक पर आम सहमति बनाने के लिए सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक के बाद विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, 'बीजेपी विधेयक पर आम राय बनाने के पक्ष में है लेकिन इसके लिए वह कोटा के भीतर कोटा के पूर्णत: खिलाफ है।' उन्होंने कहा, हालांकि पार्टी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एम. एस. गिल के उस प्रस्ताव का समर्थन करने के तैयार है जिसमें यह राजनीति दलों पर निर्भर होगा कि वे कम से कम 33 प्रतिशत टिकट महिलाओं का दें। भाजपा प्रवक्ता राम नाथ कोविंद ने कहा कि पार्टी महिला आरक्षण विधेयक को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार के आम सहमति बनाने के प्रयासों का समर्थन करती है लेकिन हम सदन में मार्शल के इस्तेमाल के खिलाफ हैं। कुछ दलों की ओर से विधेयक में कोटे के अंदर कोटा दिए जाने की मांग पर पार्टी के रुख के बारे में पूछे जाने पर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा अभी तक सरकार की ओर से विधेयक में अल्पसंख्यकों और दलितों के लिए कोटा निर्धारित किए जाने के बारे में कोई प्रस्ताव नहीं आया है। इस विषय पर सामने आने पर विचार किया जाए।
Tuesday, March 30, 2010
कांग्रेस बॉलिवुड ऐक्टर अमिताभ बच्चन और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बख्शने के मूड
बॉलिवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता अमर सिंह फिर एक साथ एक मंच
पर दिखे। इस तरह दोनों ने अपने बीच खटास पैदा होने की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। हाल ही में अमर सिंह जया बच्चन को मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी में रहने पर नाखुशी जताई थी। यह भी कहा था कि जया को मुलायम की पार्टी छोड़कर मेरे साथ आ जाना चाहिए। गुजरात का ब्रैंड ऐंबैसडर बनने से उठे विवाद पर बिग बी का बचाव करते हुए अमर सिंह ने कहा कि अमिताभ यह कैसे बता सकते हैं कि गुजरात दंगों का दोषी कौन है। 2002 के दंगों के बारे में फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने सोमवार को अमिताभ की आलोचना करते हुए कहा था कि अगर उनमें हिम्मत है तो वह बताएं कि गुजरात दंगों का दोषी कौन है। अमर सिंह ने अमिताभ की सेक्युलर इमेज पर संदेह करने वालों को भी आड़े हाथ लिया।
बिग बी की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए अमर सिंह ने कहा कि अमिताभ की धर्मनिरपेक्षता संदेह से परे है क्योंकि वह अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। अमिताभ एक ऐक्टर हैं, एक ग्लोबल आइकन हैं, वह देशों और राष्ट्रों की भौगोलिक और सांस्कृतिक सीमाओं से ऊपर उठ गए हैं। वह महाराष्ट्र, बंगाल, यूपी और यहां तक कि मिस्त्र समेत पूरी दुनिया के हैं। वह अपनी आलोचनाओं से नहीं डरते और पूरी शालीनता के साथ जवाब देते हैं। वह एकला चलो रे.. में विश्वास रखते हैं। पुणे के एक इंस्टिट्यूट में एक स्टूडियो का उद्घाटन करने आए अमिताभ से जब स्टूडेंट्स ने पूछा कि वह अपनी आलोचनाओं को किस तरह देखते हैं, तो बिग बी का कहना था कि जिंदगी के लिए आलोचना जरूरी है। हम गलतियों से सीखते हैं। मैं आलोचनाओं को अच्छी भावनाओं से लेता हूं और उनसे सीखने का प्रयास करता हूं।
पर दिखे। इस तरह दोनों ने अपने बीच खटास पैदा होने की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। हाल ही में अमर सिंह जया बच्चन को मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी में रहने पर नाखुशी जताई थी। यह भी कहा था कि जया को मुलायम की पार्टी छोड़कर मेरे साथ आ जाना चाहिए। गुजरात का ब्रैंड ऐंबैसडर बनने से उठे विवाद पर बिग बी का बचाव करते हुए अमर सिंह ने कहा कि अमिताभ यह कैसे बता सकते हैं कि गुजरात दंगों का दोषी कौन है। 2002 के दंगों के बारे में फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने सोमवार को अमिताभ की आलोचना करते हुए कहा था कि अगर उनमें हिम्मत है तो वह बताएं कि गुजरात दंगों का दोषी कौन है। अमर सिंह ने अमिताभ की सेक्युलर इमेज पर संदेह करने वालों को भी आड़े हाथ लिया।
बिग बी की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए अमर सिंह ने कहा कि अमिताभ की धर्मनिरपेक्षता संदेह से परे है क्योंकि वह अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। अमिताभ एक ऐक्टर हैं, एक ग्लोबल आइकन हैं, वह देशों और राष्ट्रों की भौगोलिक और सांस्कृतिक सीमाओं से ऊपर उठ गए हैं। वह महाराष्ट्र, बंगाल, यूपी और यहां तक कि मिस्त्र समेत पूरी दुनिया के हैं। वह अपनी आलोचनाओं से नहीं डरते और पूरी शालीनता के साथ जवाब देते हैं। वह एकला चलो रे.. में विश्वास रखते हैं। पुणे के एक इंस्टिट्यूट में एक स्टूडियो का उद्घाटन करने आए अमिताभ से जब स्टूडेंट्स ने पूछा कि वह अपनी आलोचनाओं को किस तरह देखते हैं, तो बिग बी का कहना था कि जिंदगी के लिए आलोचना जरूरी है। हम गलतियों से सीखते हैं। मैं आलोचनाओं को अच्छी भावनाओं से लेता हूं और उनसे सीखने का प्रयास करता हूं।
कांग्रेस की नजर में मोदी और दाऊद एक जैसे
कांग्रेस बॉलिवुड ऐक्टर अमिताभ बच्चन और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बख्शने के मूड
में नहीं दिख रही है। बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी की तुलना अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से कर डाली। बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अमिताभ को गुजरात का ब्रैंड ऐंबैसडर बनने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि उनके पार्टी जॉइन करने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अमिताभ गुजरात के ब्रैंड ऐंबैसडर बने हैं पाकिस्तान के नहीं।
इसके जवाब में कांग्रेस ने कहा कि मोदी ने जांच टीम के सामने पेश होकर किसी पर कोई एहसान नहीं किया है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि अगर कोई राजधर्म नहीं निभाता है तो वह राज दंड का भागी होता है। तिवारी ने पूछा, अगर दाऊद को भारतीय कोर्ट में पेश किया जाएगा तो बीजेपी यह मानेगी कि अंडरवर्ल्ड डॉन ने एहसान किया है? उन्होंने कहा कि बीजेपी बचकाना व्यवहार कर रही है। मोदी का राजधर्म है लोगों की रक्षा करना, जो उन्होंने सन् 2002 में नहीं किया। दूसरी तरफ बीजेपी ने कांग्रेस प्रवक्ता के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। गुजरात की बीजेपी इकाई के नेता जयनारायण व्यास ने कहा कि तिवारी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।
में नहीं दिख रही है। बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी की तुलना अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से कर डाली। बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अमिताभ को गुजरात का ब्रैंड ऐंबैसडर बनने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि उनके पार्टी जॉइन करने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अमिताभ गुजरात के ब्रैंड ऐंबैसडर बने हैं पाकिस्तान के नहीं।
इसके जवाब में कांग्रेस ने कहा कि मोदी ने जांच टीम के सामने पेश होकर किसी पर कोई एहसान नहीं किया है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि अगर कोई राजधर्म नहीं निभाता है तो वह राज दंड का भागी होता है। तिवारी ने पूछा, अगर दाऊद को भारतीय कोर्ट में पेश किया जाएगा तो बीजेपी यह मानेगी कि अंडरवर्ल्ड डॉन ने एहसान किया है? उन्होंने कहा कि बीजेपी बचकाना व्यवहार कर रही है। मोदी का राजधर्म है लोगों की रक्षा करना, जो उन्होंने सन् 2002 में नहीं किया। दूसरी तरफ बीजेपी ने कांग्रेस प्रवक्ता के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। गुजरात की बीजेपी इकाई के नेता जयनारायण व्यास ने कहा कि तिवारी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।
Monday, March 29, 2010
वरुण बोले, माया राज में बहुत हुआ 'सम्मान'
बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी ने कहा कि मैं राजनीति में चुनाव जीत
ने या सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि अपने लोगों के सम्मान की रक्षा करने आया हूं। वरुण ने सहारनपुर में एक विशाल रैली में उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि प्रतापगढ़ में मात्र 20 रुपये, मामूली कपडे़, कुछ मिठाई और बर्तन के लिए 65 लोगों की मौत हो जाती है। लेकिन पांच करोड़ और 10 करोड़ की माला पहनने वाली मायावती के पास उन गरीबों को देने के लिए मुआवजे की राशि तक का इंतजाम नहीं है। वरुण ने कहा, 'इस मंच से मैं मायावती के खिलाफ नहीं बोलूंगा, क्योंकि चुनाव में उन्होंने मुझे बहुत प्यार और सम्मान दिया था। हमारा समय आने पर उन्हें उससे ज्यादा प्यार और सम्मान दिया जाएगा।'
बीजेपी सांसद ने कहा कि हमारे ऊपर आज यह जिम्मेदारी है कि हम अमीरों के बजाय आम परिवारों के नौजवानों को उनका सम्मान दिलाएं। उन्होंने सलाह दी कि यदि नौजवानों को लंबे समय के लिए कर्ज दिया जाए तो वह विभिन्न व्यवसायों को अपना कर अपने सपनों को सफल कर सकते हैं। गांधी ने किसानों का पक्ष लेते हुए कहा कि कपडे़ और अन्य सामान का व्यापार करने वाला व्यापारी जब स्वयं सामान का रेट तय करता है तो किसान को भी उसकी फसल का रेट खुद तय करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने गोहत्या को साम्प्रदायिक पाप और कानूनी जुर्म मानते हुए कहा कि गोहत्या केवल हिन्दुओं से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा है।
ने या सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि अपने लोगों के सम्मान की रक्षा करने आया हूं। वरुण ने सहारनपुर में एक विशाल रैली में उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि प्रतापगढ़ में मात्र 20 रुपये, मामूली कपडे़, कुछ मिठाई और बर्तन के लिए 65 लोगों की मौत हो जाती है। लेकिन पांच करोड़ और 10 करोड़ की माला पहनने वाली मायावती के पास उन गरीबों को देने के लिए मुआवजे की राशि तक का इंतजाम नहीं है। वरुण ने कहा, 'इस मंच से मैं मायावती के खिलाफ नहीं बोलूंगा, क्योंकि चुनाव में उन्होंने मुझे बहुत प्यार और सम्मान दिया था। हमारा समय आने पर उन्हें उससे ज्यादा प्यार और सम्मान दिया जाएगा।'
बीजेपी सांसद ने कहा कि हमारे ऊपर आज यह जिम्मेदारी है कि हम अमीरों के बजाय आम परिवारों के नौजवानों को उनका सम्मान दिलाएं। उन्होंने सलाह दी कि यदि नौजवानों को लंबे समय के लिए कर्ज दिया जाए तो वह विभिन्न व्यवसायों को अपना कर अपने सपनों को सफल कर सकते हैं। गांधी ने किसानों का पक्ष लेते हुए कहा कि कपडे़ और अन्य सामान का व्यापार करने वाला व्यापारी जब स्वयं सामान का रेट तय करता है तो किसान को भी उसकी फसल का रेट खुद तय करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने गोहत्या को साम्प्रदायिक पाप और कानूनी जुर्म मानते हुए कहा कि गोहत्या केवल हिन्दुओं से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा है।
सोनिया फिर बनीं एनएसी अध्यक्ष
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक बार फिर नैशनल अडवायजरी काउंसिल(एनएसी) का अध्यक्ष बनाया गया है। यूपीए सरकार ने सोमवार शाम इसका ऐलान किया। चार साल पहले लाभ के पद को लेकर उठे विवाद के बाद सोनिया ने न केवल एनएसी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था बल्कि लोकसभा सदस्यता से भी इस्तीफा देकर रायबरेली से दोबारा चुनाव लड़ा था। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सोनिया का दर्जा कैबिनेट मंत्री का होगा और उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। एनएसी के बाकी सदस्यों को सोनिया नियुक्त करेंगी। सोनिया को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। यूपीए सरकार की वापसी के बाद से ही सोनिया को एनएसी अध्यक्ष बनाए जाने के लिए राजी करने की कोशिश हो रही थी, मगर वह इसके लिए तैयार नहीं थीं। 2004 में एनएसी का घटन खुद सोनिया की पहल पर ही हुआ था। इसका उद्देश्य सरकार और लोगों के बीच एक पुल की तरह काम करना था। मगर विवाद हो जाने के बाद दोबारा सोनिया को राजी करना काफी मुश्किल साबित हुआ।
बढेंगे मंत्री व विधायकों के वेतन-भत्ते
जयपुर। मंत्री और विधायकों के वेतन-भत्तों में जल्दी ही बढोतरी हो सकती है। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल इस सिलसिले में भाजपा विधायक दल के उप नेता घनश्याम तिवाडी और माकपा व निर्दलीय विधायकों से राय मशविरा कर सरकार को सुझाव देंगे।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को विधानसभा में विनियोग व वित्त विधेयकों पर हुई चर्चा के जवाब में भाजपा विधायक दल के उप नेता घनश्याम तिवाडी व अन्य विधायकों की मांग का जिक्र करते हुए माना कि वास्तव में सांसद, विधायकों की स्थिति नाजुक है।
इनसे मिलने वाले आगंतुकों के सत्कार से लेकर दौरे में भी पैसा खर्च होता है। पिछले सत्र में भी एक विधेयक तैयार किया गया था, लेकिन सहमति नहीं बन पाने की वजह से पेश नहीं किया जा सका। गहलोत ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि वे चाहेंगे तो इसी सत्र में विधेयक ले आएंगे। बढोतरी इस तरह की जाएगी कि जनता को भी तर्कसंगत लगे। धारीवाल इस बारे में सब पक्षों से सलाह करेंगे।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को विधानसभा में विनियोग व वित्त विधेयकों पर हुई चर्चा के जवाब में भाजपा विधायक दल के उप नेता घनश्याम तिवाडी व अन्य विधायकों की मांग का जिक्र करते हुए माना कि वास्तव में सांसद, विधायकों की स्थिति नाजुक है।
इनसे मिलने वाले आगंतुकों के सत्कार से लेकर दौरे में भी पैसा खर्च होता है। पिछले सत्र में भी एक विधेयक तैयार किया गया था, लेकिन सहमति नहीं बन पाने की वजह से पेश नहीं किया जा सका। गहलोत ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि वे चाहेंगे तो इसी सत्र में विधेयक ले आएंगे। बढोतरी इस तरह की जाएगी कि जनता को भी तर्कसंगत लगे। धारीवाल इस बारे में सब पक्षों से सलाह करेंगे।
Subscribe to:
Posts (Atom)