Monday, July 20, 2009

राजस्थान में कानून का शासन नहीं

उदयपुर में ब्रिटिश पर्यटक से हुए दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि राजस्थान में कानून का शासन नहीं है और ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है, जो अदालत के आदेशों की पालना नहीं करवा सकती हो। शीर्ष कोर्ट ने 16 जनवरी 09 को राजस्थान पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

लगभग छह माह बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर अदालत ने सोमवार को सुनवाई के दौरान नाराजगी जताई। जस्टिस मार्कण्डेय काटजू और अशोक कुमार गांगुली की बेंच ने राजस्थान पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक हफ्ते का और समय दिया है। राज्य के प्रमुख गृह सचिव को अगली सुनवाई में स्पष्ट करने के लिए तलब किया है कि सरकार आदेशों का पालन क्यों नहीं कर पाई?

‘मुख्यमंत्री तक संदेश पहुंचा दें’ : बेंच एक बार तो जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश देने वाली थी लेकिन राजस्थान सरकार के वकील द्वारा बार-बार समय बढ़ाने की मांग करने पर अदालत थोड़ा नरम हुई।

इससे पूर्व अदालत ने पुलिस अधिकारियों से कहा- तमाशा कर रहे हैं आप, शर्म नहीं आती आपको? आरोपी के साथ अवश्य ही आपकी सांठगांठ है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोर्ट के आदेश का अनादर किया जा रहा है। बेंच ने जांच अधिकारियों को एक हफ्ते की और मोहलत देते हुए कहा कि अगर एक हफ्ते में आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो राजस्थान पुलिस मुश्किल में आ जाएगी। यह संदेश आप मुख्यमंत्री तक पहुंचा दें। राजस्थान पुलिस के लिए यह आखिरी मौका है, इसके बाद आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।

पर्बतसिंह की हर हाल में गिरफ्तारी के निर्देश

राज्य के प्रमुख गृह सचिव एस. एन. थानवी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। अफसरों को सोमवार को ही निर्देश दिए गए हैं कि अभियुक्त पर्बतसिंह को हर हाल में गिरफ्तार किया जाए। पर्बतसिंह को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। नियमानुसार उसकी संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

क्या है मामला : उदयपुर में ब्रिटिश पर्यटक से दुष्कर्म के आरोपी पर्बत सिंह राणा को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा 1 मई 08 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी लेकिन जुलाई 08 में उसे राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 16 जनवरी 09 को शीर्ष कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। आरोपी की संपत्ति कुर्क करने को भी कहा गया था।

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