Monday, July 6, 2009

फर्जी मुठभेड़ पर टिकैत की आंदोलन की धमकी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रणवीर सिंह (24) नामक युवक को कथित रूप से पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना को लेकर मृतक के गांव में आक्रोश व्याप्त हो गया है। किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत ने राज्य पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरने की धमकी दी है। उधर मृतक के परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है ताकि मामले का सच सामने आ सके। रणवीर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि देहरादून पुलिस ने शुक्रवार को एक फर्जी मुठभेड़ में रणवीर को मार डाला। रणवीर प्रबंधन में स्नातक था और वह एक वित्तीय कंपनी के साथ कुछ काम के सिलसिले में देहरादून गया हुआ था। रणवीर के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने आए भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता महेंद्र सिंह टिकैत ने रणवीर सिंह के पैतृक गांव में ऐलान किया, ''हम इस घटना के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे। यह उत्तराखंड पुलिस की एक घृणित कार्रवाई है।'' टिकैत ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ''हम विरोध प्रदर्शन की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन यह तय है कि क्षेत्र के लोग इस घटना को लेकर चुप नहीं बैठने वाले हैं।'' टिकैत ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि सात दिन के अंदर यदि उत्तराखंड पुलिस के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज नहीं किया गया तो वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। टिकैत ने कहा कि रणवीर के शरीर पर मौजूद चोटों के निशान और उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया है कि गोली मारने से पहले उसकी बुरी तरह पिटाई की गई। रणवीर सिंह की मां सुरेश देवी ने भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा, ''मेरे बेटे को लाठियों से पीटा गया। उसकी ठोड़ी राइफल के कुंदे से मार कर तोड़ दी गई। इसके अलावा उसे 10 गोलियां दागी गईं।'' प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उन्होंने भीड़-भाड़ वाले इलाके में देखा कि रणवीर और उसके दो साथी जो कि मोटरसाइकिल पर सवार थे उनसे पुलिस धक्का-मुक्की कर रही थी। उत्तराखंड पुलिस के अनुसार पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के बाद रणवीर ने एक पुलिस सब इंस्पेक्टर का रिवाल्वर छीन लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे अपराधी मान लिया। मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ने मामले की जांच राज्य पुलिस की अपराध जांच शाखा (सीआईडी) से कराने की घोषणा की है। लेकिन रणवीर के पिता सरकार के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। रणवीर के अंतिम संस्कार के अवसर पर पिता रवींद्र ने संवाददाताओं से कहा,''मैं जानता हूं अब मेरा बेटा मुझे वापस नहीं मिल सकता, लेकिन मैं चाहता हूं जो भी पुलिसकर्मी दोषी हैं उनके खिलाफ हत्या का मामला चले, ताकि आगे इस तरह की घटना न दोहराई जा सके।'

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